रायगढ़ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कलेक्टर भीम सिंह के निर्देशन में धरमजयगढ विकासखण्ड के आदिवासी बाहुल्य ग्राम खलबोरा में गरीबी मुक्त गांव की संकल्पना के साथ कार्य किया जा रहा है। गांव के प्रत्येक परिवारों को शासन की आजीविका संवर्धन योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों की कृषि के साथ अन्य गतिविधियों के माध्यम से अतिरिक्त आय में वृद्घि हो सके।

कलेक्टर सिंह जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ खलबोरा पहुंचे तथा वहां चल रहे विभागीय कार्यों की समीक्षा की तथा योजनाओं से लाभान्वित ग्रामीणों से चर्चा की। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जिन गतिविधियों से ग्रामीणों को अधिक फायदा हो रहा है, उन पर फोकस किया जाये। इस दौरान कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं से लाभान्वितों को मिल रहे लाभ की जानकारी ली। कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को योजना के बेहतर क्रियान्वयन करने एवं आय संवर्धन की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।

जिससे ग्रामीणों को बेहतर लाभ हो सके। कलेक्टर ने गांव में विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर विभागीय कार्यों की विभागवार समीक्षा की। पशुपालन विभाग के अधिकारी द्वारा बताया गया कि विभागीय योजनाओं के माध्यम से 79 हितग्राहियों को बकरी एवं 80 बकरी शेड, 29 हितग्राहियों को मुर्गी व 07 हितग्राहियों को गाय व एक हितग्राही को शूकर प्रदान किया गया है।

वर्तमान में बेहतर लाभ देखते हुए ग्रामीणों द्वारा गाय पालन के लिए 17 हितग्राहियों एवं 18 हितग्राहियों के द्वारा बकरी के लिए मांग पत्र दिए है, जिसे हितग्राहियों को जल्द प्रदान किया जाएगा। कलेक्टर ने पशुपालन विभाग को चाप कटर प्रदान करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में मछली पालन विभाग द्वारा बताया गया कि छह हितग्राहियों को मछली बीज प्रदाय किया गया था। जिससे ग्रामीणों को अच्छा लाभ मिला है, जिसके कारण अन्य लोगों ने भी आवेदन किया है।

कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीणों को अच्छी ब्रीड की मछली बीज प्रदान की जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारी को डबरी निर्माण के कार्य करवाने के निर्देश दिए। अधिकारी द्वारा बताया गया कि 40 लोगों को मिनी कीट प्रदाय किया गया था। जिस पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताते हुए हितग्राहियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारी को ड्रीप सिंचाई सिस्टम लगवाने के लाभ एवं ग्रामीणों को फसल विविधिकरण की जानकारी देने के निर्देश दिए। किसानों की सिंचाई सुविधा के बोर खनन करने के निर्देश दिए। रेशम विभाग के अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में छह लोग रेशम पालन का कार्य कर रहे है, इसके साथ 15 लोगों का रेशम पालन, प्लांटेशन प्रशिक्षण के लिए चयन किया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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