रायग़ढ़। नईदुनिया प्रतिनिधि

नजूल निरीक्षक द्वारा बनाई गई वंशावली के आधार पर फर्जी तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनवाने का मामला सामने आया है। खैरपुर के ग्रामीणों ने रिटर्निंग अफसर से सरंपच के उम्मीदवार की जो शिकायत की है, उसके अनुसार दो नजूल निरीक्षक से लेकर जाति प्रमाण पत्र जारी करने वाले 2 पूर्व एसडीएम पर भी सवाल उठ रहे हैं।

पंचायत चुनाव के दौरान खैरपुर के ग्रामीणों ने रिटर्निंग अफसर के पास एक गंभीर किस्म की शिकायत दर्ज कराई है। सरपंच का चुनाव लड़ रहे श्याम सुंदर राम के जाति प्रमाण पत्र को लेकर ग्रामीणों ने अधिवक्ता के माध्यम से अपनी दावा आपत्ति दर्ज कराई है। ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार श्याम सुंदर ने स्वयं को खैरपुर का निवासी बताया है, जबकि हकीकत में वह दूसरे राज्य का निवासी है। पंचायत के मिशल रिकार्ड एवं 1924-25 के दस्तावेज में श्यामसुदंर के पूर्वजों के नाम नहीं है। वहीं श्यामसुंदर ने अपनी पत्नी विनीता को जकेला निवासी बताकर एससी वर्ग का बताया है। पति व पत्नी का जाति प्रमाण पत्र रायगढ़ के पूर्व एसडीएम द्वारा जारी किया गया था लेकिन इसमें आश्चर्यजनक रूप से प्रतिवेदन नजूल निरीक्षक द्वारा पेश किया गया था। जाति प्रमाण पत्र के लिए छग के किसी भी जिले की स्कूल का दाखिला क्रमांक का भी जिक्र नहीं है और ना ही पति व पत्नी के लिए संबंधित ग्राम सभा का कोई अनुमोदन पेश किया गया था। अधिवक्ता आईपी शर्मा ने बताया कि जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नजूल निरीक्षक से वंशावली बनवाई गई है और जांच प्रतिवेदन भी उसी से मंगाया गया है, जबकि नियमों के अनुसार नजूल निरीक्षक को यह अधिकार नहीं है। श्यामसुंदर के जाति प्रमाण पत्र को लेकर बड़ी संख्या में खैरपुर के लोग आए थे और बिंदूवार आपत्ति कर उन्होंने जाति प्रमाण पत्र को अवैध बताकर रिटर्निंग अफसर से उसे चुनाव लड़ने से अयोग्य करने की मांग की है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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