खरसिया (नईदुनिया न्यूज )। वर्षों से एक ही पंचायत में पदस्थ सचिव गांव के विकास के लिए आई शासकीय राशि को अपनी बपौती समझते हुए गांव के विकास में ही ग्रहण लगाते हैं। ग्राम पंचायत भैनापारा में विगत 10-12 वर्षों से पदस्थ सचिव बीना सिदार द्वारा शासकीय योजनाओं का मजाक बनाते हुए कई अनियमिताएं की गई हैं। पंचों तथा पूर्व सरपंच द्वारा अनेकों बार सचिव के क्रियाकलापों के संदर्भ में संबंधित कार्यालयों को आवेदन प्रेषित कर जानकारी भी दी गई, किंतु अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में पंचों तथा ग्रामीणों ने सीईओ को पत्र लिखकर पंचायत सचिव बदलने की मांग की है। वहीं सचिव द्वारा की गई अनियमितताओं को उजागर किया है।

ग्रामीणों ने पत्र में उल्लेख किया है कि आश्रित ग्राम कलमी में दो तथा भैनापारा में सरपंच घर के सामने, संतराम घर के सामने एवं मेदनी घर के सामने सोखता गड्ढा का निर्माण होना था। जिसका कार्य शुरू भी नहीं हुआ और रोजगार सहायक से मिली भगतकर सचिव ने कुछ मजदूरों के नाम पैसा भी निकाल लिया। ऐसे में मजदूरों के नाम एवं मस्टररोल की छायाकापी संलग्न करते हुए ग्रामीणों ने जांच की मांग की है। वहीं 2017-18 में मोबाईल टावर स्काई के नाम पर 310130,00 रुपये की राशि फर्जी तरीके से निकाल कर शासन को चूना लगाया गया है। 2017-18 में ही स्ट्रीट लाइट के नाम पर 15100.00 रूपये निकाले गए, जबकि दो चार लाइट लगाकर सारी राशि गबन कर दी गई। 2016-17 मे जलआपूर्ति के नाम पर रुपये 649850 की राशि, 2017-18 मे जलआपूर्ति के नाम पर रूपये 395218 की राशि निकाली गई। इस राशि से कौन सा कार्य किया गया यह भी जांच का विषय है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत सचिव ने कुछ चिन्हीत पंचों को दुष्यदक्षिणा देकर कार्यवाही पंजी में हस्ताक्षर करवाकर झूठी ईमानदारी की परिचय दिया है। वहीं पंचों के बीच आपसी मतभेद कर आवश्यक बैठकों को निरस्तकर पुनः फोरम के अभाव को हथियार बनाकर अपने चिन्हीत पंचों के सहारे अपनी मनमानी करती हैं।

मूलभूत जरूरतों की भी उपेक्षा

शिकायत पत्र में स्पष्ट उल्लेखित है कि वर्तमान सरपंच की शैक्षणिक योग्यता नहीं के बराबर है। जिसका भरपूर फायदा उठाकर सचिव द्वारा अनेक फर्जी कार्य किए जाते हैं। वहीं ग्राम पंचायत की मूलभूत सुविधाएं बिजली, पानी, सड़क-गली मरम्मत, तालाब की साफ सफाई एवं अन्य विभिन्न योजनाओं की राशि बिना कार्य किए, शातिराना तरीके से संवैधनिक प्रक्रिया पूरी कर राशि का आहरण कर लिया जाता है। वहीं शौचालय निर्माण कार्य में भी लाखों की हेराफेरी की गई है, जिसकी जांच अनिवार्य है।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

NaiDunia Local
NaiDunia Local
 
Show More Tags