रायगढ़ (नईदुनिया प्रतिनिधि )। मेडिकल कालेज अस्पताल से जिला अस्पताल के अलग होने के बाद दोनों अस्पतालों में स्टाफ की कमी बनी हुई है। इसके कारण दोनों जगहों में मरीजों के उपचार में समस्याएं आ रही है। ऐसे में स्टाफ की मांग चल रही है, हालांकि यह समस्या प्रदेश भर के अस्पताल की है जिसके लिए भर्ती प्रक्रिया को जल्द आरंभ करने की कवायद करना भी बताया गया किन्तु अब तक

नतीजा शुन्य ही है।

दो माह से जिला अस्पताल के भवन से मेडिकल कालेज अस्पताल के नए भवन में शिफ्टिंग का काम चल रहा था जो अब पूरा हो चुका है। साथ ही अब मेडिकल कालेज अस्पताल में सभी वार्ड तो शुरू हो गया है, लेकिन यहां मरीज व स्वास्थ्य से जुड़े कार्यो को पूरा करने के लिए यहां स्टाफ की भारी कमी बनी हुई है। हालात यह है कि यहां आधे से भी कम स्टाफ है। इससे दि-तों का सामना करना पड; रहा है। सूत्रों की मानें तो सबसे ज्यादा तृतीय वर्ग व चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों की कमी है। इससे मरीजों के देख-रेख में भी समस्या आ रही है। गुरुघासीदास चिकित्सालय 650 बेड के साथ शुरू हुआ है। जहां दिनों-दिन मरीजों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। यहां हर दिन 250 से 300 तक ओपीडी जांच हो रहा है। ऐसे में सुविधाओं में तो विस्तार हो गया है, लेकिन देख-रेख में समस्या बनी हुई है। इसका खामियाजा यहां उपचार कराने आने वाले मरीजों व परिजनों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं बताया जा रहा है कि पूर्व में दोनों अस्पताल एक साथ संचालित था तो दोनों जगह का स्टाफ मिलकर काम कर रहे थे, जिससे ज्यादा दि-त नहीं हो रही थी, लेकिन अब अलग-अलग होने के बाद दोनों अस्पतालों में समस्या हो गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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