रायगढ़। बीते 10 दिनों में कोविड पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ;ती जा रही है। मरीजों के लिए वर्तमान में मातृ एवं शिशु हॉस्पिटल डेडिकेटेट कोविड अस्पताल चल रहा है और शीघ्र ही फिर से मेडिकल कॉजेल में 200 बिस्तरों का कोविड केयर हॉस्पिटल शुरू हो जाएगा।

इसके अवाला लोग होम आइसोलेश में रह रहे हैं। 10 मार्च को जहां 35 मरीज होम आइसोलेशन में थे अब इनकी संख्या 10 गुना तक बढ़कर 343 हो गई है। नवंबर 2020 में एक समय में 1,300 लोग होम आइसोलेशन में थे जो अब तक की सबसे अधिक संख्या है । लेकिन इस बीच कोविड मरीज होम आइसोलेशन के नियमों का पालन करने से लापरवाही भी बरत रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिन मरीजों का कोविड टेस्ट पाटिव आता है और उन्हे कोई गंभीर बीमारी नहीं है तो उन्हे होम आइसोलेशन में रहने को कहा जाता है। इसके लिए मरीजों को एक शपथ पत्र भी देना होता है।

होम आइसोलेशन के लिए मरीजों के पास पृथक शौचालय, पल्स ऑक्सीमटर, और थर्मामीटर होना चाहिए। इन मरीजों की मॉनिटरिंग जिला होम आइसोलेशन कंट्रोल रूम द्वारा की जाती है। संवेदनशील मरीजों को डॉक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रोज कॉल करते हैं। होम आइसोलेशन के नियमों का पालन नहीं करने पर कंट्रोल रूम उन मरीजों को हॉस्पिटल भेज देता है।

नियमों का उल्लंघन करने वाले 580 लोगों को हॉस्पिटल भेजा गया

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 3 अगस्त 2020 से जिले में होम आइसोलेशन की शुरुआत हुई थी। विभाग के अनुसार 6 अप्रैल तक कुल 16, 864 कोविड पॉजिटिव मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा जा चुका है जिसमें से 15,236 लोग ठीक हो चुके हैं। घर में रहते हुए सिर्फ एक ही मरीज की कोरोना से मृत्यु हुई है। होम आइसोलेशन में रहते हुए 1,343 मरीजों को हॉस्पिटल रेफर किया जा चुका है इनमें से 580 ऐसे मरीज थे जिन्होंने होम आइसोलेशन के नियमों का उल्लंघन किया था।

नियम का उल्लंघन अर्थात पल्स ऑक्सीमीटर से अपना पल्स और ऑक्सीजन का माप नहीं करना या नहीं रखना, थर्मामीटर से शरीर का तापमान नहीं मापना, पृथक टॉयलेट का इस्तेमाल नहीं करना, डॉक्टर का फोन नहीं उठाना, काउंसलर से बात नहीं करना इत्यादि शामिल है।

स्वास्थ्य विभाग होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीज से लगातार अपील करता आया है कि ऐसे मरीज गाइडलाइन का पालन करें क्योंकि उनकी एक छोटी सी गलती प्राणघातक हो सकती है।

होम आइसोलेशन की सुविधा का बेजा फायदा न उठाएं

होम आइसोलेशन के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा बताते हैं कि कोविड पॉजिटिव मरीजों को होम आइसोलेशन तय नियम और काउंसिलिंग कराकर ही रखा जाता है। यह लोगों की सुविधा के लिए है। लेकिन आमतौर पर देखा गया है कि लोग इसका पालन करने में कतराते हैं, और इसका बेजा फायदा उठाते हैं। ऐसे लोग वैश्विक महामारी कोरोना को हल्के में लेते हैं।

अभी खतरा टला नहीं, वैक्सीन भले ही आ गई पर हमें अभी और सतर्क रहना है। होम आइसोलेशन के नियम का जरा सा भी उल्लंघन होने पर हम मरीज को तुरंत हॉस्पिटल में शिफ्ट कर देते हैं। कई लोग इसका विरोध भी करते हैं पर उनका स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता है। कई दफे हमें मजिस्ट्रेट व पुलिस की सहायता से होम आइसोलेशन का उल्लंघन करने वाले को रेफर करना पडा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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