रायगढ़ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मानसून की शुरुआत बेहतर होने के बाद सावन में बेरुख होते हुए खेत खलिहान को सूखने पर मजबूर कर दिया था। भादो में जमकर बारिश होने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।जहां भादो लगने से एक दिन पहले और भादो के तीसरे दिन लगातार बारिश से केलो बांध लबालब हो गया है, महानदी भी उफान पर बह रही है।

रायगढ़ में पिछले चार दिन की मुसलाधार वर्षा से शहर पानी से लबालब हो गया है। शहर में बारिश की वजह से गली मोहल्ले की खराब सड़क तालाब बन गई है तो डबरी भर कर ओह्वर फ्लो हो रहे है। वही दिन भर बारिश होने की वजह सेकामकाज प्रभावित हो रहा है हालांकि सरकारी दफ्तरों में सरकारी छुट्टी होने की वजह से यहां असर कम नजर आ रहा है। दूसरी ओर केलो बांध में भी जलस्तर अपने स्तर तक आ चुका है।

जिससे चंद्रपुर नाथदाई, मंदिर सरिया पोरथ समेत कई नदी किनारे बसे गांव के ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई है तो लात नाला समेत कुछ पुल के जलमग्न होने से आवागमन का संपर्क कट गया है। इन स्थिति को देखते हुए एसडीआरएफ पर लेकर अन्य प्रशासनिक विभाग, पुलिस प्रशासन की बाढ; की स्थिति पर पैनी नजर बनी हुई है।

हीराकुंड का खोला गया 30 गेट कैचमेंट इलाके में राहतः

प्रदेश के कई जिले में मूसलधार बारिश होने की वजह से एक तरफ गंगरेल बांध से कई गेट को खोलकर जल निकासी किया जा रहा है इधर महानदी से जुड़े जिले में भी बारिश के चलते यह नदी उफान पर है। ऐसे में इस क्षेत्र के सभी

बांध व सहायक नदी में जलस्तर बढ़ गया है कई खतरे के निशान में बह रहे है। गांव में जल भराव होने लगा इन्हें देखते हुए महानदी से जुड़े पड़ोसी राज्य वाली हीराकुंड बांध से 30 गेट को खोलकर जल निकासी किया जा रहा है। इसका यह असर पड;ा कि हीराकुंड क कैचमेंट वाले ग्रामीण अंचल सरिया व अन्य का जलस्तर भी थोड़ा कम हो रहा है।

लातनाल, कोतरा पुल चार दिन से जलमग्न कई गांव का संपर्क कटा :

सावन के अंतिम दिन से पहले बारिश के चलते महानदी मांड नदी में आये बाढ; से चंद्रपुर में इसका असर व्यापक पड़ा है। सरिया जाने वाला लात नाला उफान पर बह रहा है। इससे बरमकेला और सरिया मार्ग पर पानी भर गया।

दर्जनो गांव में रहने वाले लोगो का चंद्रपुर के रास्ते से मुख्यालय आने का रास्ता बंद हो गया इस वजह से

इनका संपर्क कट गया है। वही यही हाल सारंगढ बरमकेला मार्ग में कोतरा पुल भी उफान पर है।इसकी वजह से इस क्षेत्र से आवाजाही बन्द हो गया है। लोग बारिश व पुल डूबने से घरों में कैद है।

कलमा क्षमता के बराबर उपरी हिस्से में बारिश होते बढ़ेगा मुसीबत :

महानदी में बनाये गए कलमा बैराज बोरा गई है। स्थिति यह है कि 198 .50 मीटर वाटर लेवल वाली बैराज अपने सबाब में बहते हुए खतरे से कुछ इंच शाम 5 :30 बजे तक बह रही थी।

जबकि यहां से सभी गेट को पूरा खोला गया है। जिसकी वजह से 14607.162, क्यूम व 515779 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक अगर जांजगीर-चांपा व अन्य महानदी से जुड;े जिले में बारिश होती है तो स्थिति गंभीर हो सकती है, हालत बिगड़ सकते है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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