रायगढ़(नईदुनिया प्रतिनिधि)। धान खरीदी केन्द्रों में अब मनरेगा के फंड से चबूतरे बनाए जाएंगे। 325 जगहों पर बनने वाले इस चबूतरों पर ही करीब साढ़े 6 करोड़ रूपये खर्च होंगे। लॉकडाउन के दौरान गांवों में अब अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाले काम स्वीकृत कराए जा रहे हैं।

कोरोना बंदी के कारण लॉकडाउन हुआ तो बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक अपने घरों में वापसी कर रहे हैं। इससे बड़ी संख्या में बेरोजगारी भी बढ़ी है। यही कारण है कि इन दिनों गांवों में मनरेगा में काम करने वाले श्रमिकों की मांग भी बढ़ती जा रही है। एपीओ राजेश शर्मा ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान जिले में करीब 9 हजार 778 नए परिवारों ने जाब कार्ड की मांग की है। मस्टर रोल के अनुसार इसमें करीब 29 हजार से अधिक श्रमिकों को काम दिया जाना है। शासन के निर्देश पर जिले में इन दिनों में मनरेगा में अधिक से अधिक काम स्वीकृत किए जा रहे हैं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध हो सके। वर्तमान में मस्टर रोल की उपस्थिति के अनुसार जिले में करीब 95 हजार श्रमिक कार्यरत बताए जा रहे हैं। मनरेगा के तहत ही रायगढ़ जिले में 99 गांवो में चबूतरा निर्माण को स्वीकृती दी गई है। इसके तहत कुल 325 जगहों में धान खरीदी में उपयोग होने वाले चबूतरा का निर्माण किया जाएगा। ताकि समितियों में इसका समुचित भंडारण हो सके। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी साढ़े 6 करोड़ रुपये रायगढ़ जिले के लिए स्वीकृत कर दिए हैं। इसके अलावा तालाब निर्माण व गहरीकरण, गौठान में बाड़ी प्रोजेक्ट, कुआं खनन एवं व्यक्तिगत मूलक कार्यों को स्वीकृति दी जा रही है। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल सके और फिजिकल डिस्टेंसिंग का भी पालन हो सके।

Posted By: Nai Dunia News Network

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