रायगढ़(नईदुनिया प्रतिनिधि)।

एनटीपीसी लारा के विस्थापितों को हाईकोर्ट का आदेश व सीएम का निर्देश भी रोजगार नहीं दिला सका है। प्लांट के लिए 8 साल पहले अपनी पुश्तैनी जमीन देने के बाद कंपनी द्वारा रोजगार नहीं दिया गया है। जिससे नाराज विस्थापितों ने नए कलेक्टर को शासन व प्रशासन के वादों की याद दिलाकर ज्ञापन सौंपा है।

एनटीपीसी लारा के विस्थापित हाईकोर्ट के आदेश और मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी दर-दर भटक रहे हैं। हाईकोर्ट ने पूर्व में विस्थापित और याचिका लगाने वाले 36 लोगों को पुनर्वास के तहत नौकरी देने के आदेश दिए थे। जिसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर मार्च 2019 में एनटीपीसी के अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन की बैठक भी हुई थी। इसमें प्रत्येक परिवार को पुनर्वास के तहत नौकरी देने,विस्थापितों के कौशन उन्नयन के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने पर सहमति बनी थी लेकिन इसके बाद कंपनी प्रबंधन ने कुछ काम नहीं किया है। एमओयू के समय कंपनी ने 16 सौ पद के सृजन का वादा किया था लेकिन वर्तमान में 79 पदों पर ही भर्ती की जा रही है और इसके विज्ञापन में भी अकुशल स्नातक और इंजीनियरिंग स्नातक,बीकम,बीडीएस या मेडिकल की अन्य डिग्री वालों के लिए किसी तरह का पद नहीं है। प्रशासन से शिकायत करने आए ग्रामीणों ने बताया कि कंपनी प्रबंधन चाहे तो रोजगार के लिए नियम शिथिल कर नौकरी दी जा सकती है लेकिन भू विस्थापितों को हाईकोर्ट के आदेश के बाद और सीएम के निर्देश के बाद भी डेढ़ साल से टरकाया जा रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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