रायगढ़ (नईदुनिया प्रतिनिधि)।

जिले में लॉकडाउन में मनरेगा की डिमांड बढ़ी है। शहरों में कामकाज छिना तो अब फिल्ड पर 1 लाख से अधिक श्रमिक उतर आए हैं और मनरेगा के तहत जिले की 774 पंचायतों में ढाई हजार से अधिक निर्माण कार्य संचालित हो रहे हैं।

कोरोनाबंदी और लॉकडाउन के कारण आर्थिक गतिविधियों पर लगाम लगी और लोगों का रोजगार छिना तो अब गांवों में मनरेगा की पूछपरख बढ़ गई है। जिले में मनरेगा में श्रमिकों की संख्या बीते 7 सालों के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गई है और हर दिन करीब 1 लाख से अधिक श्रमिक काम कर रहे हैं। जिपं सीइओ ऋ चा प्रकाश चौधरी ने बताया कि सोमवार की स्थिति में जिले में 1 लाख 6 हजार से अधिक श्रमिक मस्टर रोल के अनुसार कार्यरत हैं। यह संख्या बीते 7 सालों के उच्चतम स्तर पर है। गांवों में तालाब गहरीकरण से लेकर पचरी निर्माण,गौठान निर्माण,बाड़ी प्रोजेक्ट,कूप खनन एवं अन्य निर्माण कार्यों में स्वीकृति दी जा रही है। सरकार से भी निर्देश हैं कि मस्टर रोल में काम की मांग आने पर हर पंचायत में 3 से 4 काम स्वीकृत कर लोगों का रोजगार दिया जाए। जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था बाधित ना हो और ग्रामीणों को मनरेगा से पारिश्रमिक मिलता रहेगा तो उनकी आजीविका चलती रहेगी।

धरमजयगढ़ में सर्वाधिक काम

जनपद पंचायत, स्वीकृत कार्यों की संख्या

बरमकेला,195

धरमजयगढ़,532

घरघोड़ा,398

खरसिया,218

लैलूंगा, 295

पुसौर,178

रायगढ़, 258

सारंगढ़,214

तमनार,233

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कुल - 2521

कहां कितने श्रमिक कार्यरत

मस्टर रोल के अनुसार रायगढ़ जिले में मनरेगा में सोमवार की स्थिति में कुल 1लाख 6 हजार से अधिक श्रमिक संलग्न हैं। इसमें बरमकेला में 14077, धरमजयगढ़ में 10166, घरघोड़ा में 4764,खरसिया में 13001, लैलूंगा में 9160,पुसौर में 17465,रायगढ़ में 10030,सारंगढ़ में 21574 एवं तमनार में 4456 श्रमिक काम कर रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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