रायगढ़ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सुरक्षा मापदंडों के पालन में लापरवाही का खामियाजा संस्थान के कर्मचारियों को भुगतना पड़ता है। रायगढ़ जिले में आए दिन औद्योगिक हादसे की सूचनाएं आती रहती है। गुरुवार को यहां नवदुर्गा फ्यूल्स में सुरक्षा मापदंडों में चूक के कारण फर्नेस ब्लास्ट हो गया। इससे यहां काम कर रहे कई श्रमिकों और कर्मचारियों को चोटें आई है। घायलों को निजी अस्पतालों में भर्ती करया गया है। मामला सामने आने के बाद लीपापोती का खेल शुरु हो गया है।

एक ओर उद्योग प्रबंधन अपने आप के बचाने तत्थयों का छिपाने में लगा है वहीं संबंधित विभाग भी कार्यवाई से बच रहा है। प्रशासन द्वारा केवल कागजी खानापूर्ति की जा रही है। कुछ दिनों पूर्व जेएसडब्ल्यू मोनेट में भी इसी प्रकार की घटना हुई थी जिसमें एक श्रमिक की मृत्यु घटनास्थल पर ही हो गई थी और दो श्रमिकों की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परंतु मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नवदुर्गा फ्यूल्य में हुई घटना को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि जानकारों के अनुसार ब्लास्ट इतना जबरदस्त था कि आसपास कार्य कर रहे कई कर्मचारियों और श्रमिक इसके चपेट में आए हैं।

मूकबधिर बधो को रस्सी से पेड़ में बांधा, जांच के आदेश

रायगढ़ जिला मुख्यालय में दिव्यांग बधाों की देखरेख करने वाली एक संस्था पर बधो को पेड़ से बांधकर यातना देने का आरोप है। इसकी शिकायत कलेक्टर रायगढ़ से भी की गई है। कलेक्टर ने महिला बाल विकास अधिकारी टीके जाटवर के नेतृत्व में जांच समिति बना दी है। जनदर्शन में छह जून को किये गए शिकायत में यह कहा गया है कि घरौंदा नामक संस्था में जहां ऐसे बधाों की देखरेख की जाती है जो शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर हैं, एक बधो को पेड़ से बांधा गया है। इसकी फोटो भी मीडिया को भेजी गई है। शिकायत में संस्था पर बाल अधिकारों का हनन करने तथा यातना देने की बात कही गयी है। अब फोटो से यह साफ नहीं है कि इसे कोई खास समय में बांधा गया है या बांधकर रखा हुआ है।

शिकायत मिलते ही कलेक्टर रायगढ़ भीम सिंह ने एक्शन लेते हुए एक जांच समिति का गठन कर दिया जिसमें महिला बल विकास अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी समेत पांच सदस्य हैं। इस टीम के अध्यक्ष महिला बाल विकास अधिकारी पीके जाटवर ने बताया कि समिति का गठन दो दिन पूर्व हुआ है हम आज जांच करने मौके पर जाने वाले हैं। जांच के बाद कि सही स्थिति का पता चल पाएगा। बताया जाता है कि बधाा मानसिक रूप से कमजोर है। किसी खास परिस्थिति में उसे बांधकर रखा जाता है लेकिन इस तरह से पेड़ से बांधने को कई लोग गलत बता रहे हैं। हालांकि अब जांच के बाद ही वह परिस्थितियां सामने आ पाएगी कि उसे क्यों बांधा गया था।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close