रायगढ़ (नईदुनिया प्रतिनिधि )। राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को अपना नामांकन दाखिल किया । उनके प्रस्तावकों में रायगढ़ सांसद गोमती साय भी शामिल रहीं। भाजपा नेतृत्व के बुलावे पर दिल्ली पहुंची गोमती साय ने द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। प्रस्तावकों में स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल रहे।

सांसद ने मुर्मू को राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार बनाए जाने पर भाजपा नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए इसे आदिवासी समाज और महिलाओं का सम्मान बताया। उन्होंने दिल्ली में द्रोपदी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दी और कहा है कि भाजपा ने आदिवासी समाज की नारी शक्ति का अद्वितीय सम्मान किया है। झारखंड की पहली महिला राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू का जींवन संघर्ष संघर्षों की गाथा है। अपना घर चलाने और बेटी को पढ़ाने के लिए मुर्मू ने एक टीचर के रूप में करियर की शुरुआत की और फिर उन्होंने ओडिशा के सिंचाई विभाग में एक कनिष्ठ सहायक यानी क्लर्क के पद भी नौकरी की। इससे घर खर्च चलाया और बेटी इति मुर्मू को पढ़ाया-लिखाया। बेटी ने भी कालेज की पढ़ाई के बाद एक बैंक में नौकरी हासिल कर ली। द्रौपदी मुर्मू ने साल 1997 में रायरंगपुर नगर पंचायत के पार्षद चुनाव में जीत दर्ज कर अपने राजनीतिक जीवन का आगाज किया था। उन्होंने भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया। साथ ही वह भाजपा की आदिवासी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य भी रहीं। द्रौपदी मुर्मू मई 2015 में झारखंड की 9वीं राज्यपाल बनाई गई थीं। वह किसी भी भारतीय राज्य की राज्यपाल बनने वाली पहली आदिवासी हैं। आदिवासी समाज के लिए गौरव का प्रतीक द्रोपदी मुर्मू पर हमें गर्व है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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