रायगढ़ Nirjala Ekadashi 2020 : निर्जला एकादशी समाज हो दान और परोपकार का महत्व बताती है। मंगलवार को भीमसेनी एकादशी के नाम से यह त्यौहार मनाया जाएगा और लॉकडाउन के कारण मंदिरों में भी शांति पूर्ण तरीके से अनुष्ठान संपन्न किया जाएगा। ज्येष्ठ मास की धूप और भीषण गर्मी के बीच पड़ने वाली निर्जला एकादशी का बहुत अधिक महात्म्य है। यह व्रत पर्व समाज के वंचित और जरूरतमंद लोगों की मदद करने की सीख देता है। पंडित नीलमणि मिश्रा ने बताया कि लॉकडाउन के कारण लोगों में अब दान और परोपकार की भावना का विकास हुआ है। इसलिए इस बार इस व्रत पर्व में लोग अधिक से अधिक दान कर पुण्यलाभ अर्जित कर सकते हैं।

गोपीनाथ जीव मंदिर के महंत पंडित ब्रजेश्वर मिश्र ने बताया कि इस दिन पांडव पुत्र भीम ने अन्न जल ग्रहण किए बिना ही एकादशी का व्रत किया था। इसलिए भीमसेनी एकादशी के नाम से यह पहचानी जाती है। ज्येष्ठ महीना गर्मी का होता है। धरती पर सूरज का ताप अधिक हो जाने के कारण दरारें आ जाती हैं। इसलिए पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन लोग कुंआ और तालाब खुदवाकर लोगों के सामाजिक उपयोग के लिए दिया करते थे।

कालांतर में धीरे-धीरे इस प्रथा ने प्याउ का रूप ले लिया और अब लोग पानी के भरे हुए घड़े दान करते हैं। चूंकि गर्मी का व्रतपर्व है इसलिए एकादशी के दिन पंखा और शीतल वस्तुएं देने का रिवाज रहा है। एकादशी के दिन गोपीनाथ जीव मंदिर में अखंड रामायण और कीर्तन का कार्यक्रम रखा गया है लेकिन लॉकडाउन के कारण भक्तों का प्रवेश निषेध रहेगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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