रायगढ़ Raigarh CoronaVirus News। दूसरे राज्यों से आए और क्वारेंटिन सेंटर में रह रहे प्रवासी श्रमिकों को अब मुफ्त का सरकारी राशन नहीं मिलेगा। मई व जून महीने के आबंटन के बाद अब खाद्य विभाग को जुलाई का आबंटन नहीं मिला है। इसलिए 11 हजार प्रवासी श्रमिकों को मुफ्त का राशन नहीं मिल सकेगा।

कोरोनाबंदी और लॉकडाउन के दौरान देश के अलग अलग राज्यों से आए 11 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिकों को बिना राशनकार्ड के दो महीनों से चावल दिया जा रहा था। जिले में इस दौरान ग्रामीण इलाको में 2773 परिवारों के 6485 सदस्यों एवं शहरी इलाकों में करीब 18 सौ परिवारों के साढ़े 4 हजार से अधिक सदस्यों के नाम पर पोर्टल में जोड़े गए और उन्हें प्रति सदस्य हर महीने 5 किलो चावल निशुल्क प्रदान किया गया।

केन्द्र सरकार की आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत यह आबंटन दिया गया था। सरकार ने मई व जून महीने के लिए ही इसकी व्यवस्था दी थी। इसलिए जुलाई महीने का आबंटन नहीं आया। अब जिले में निवासरत ऐसे प्रवासी श्रमिकों के सामने राशन को लेकर दिक्कतें आ सकती हैं। वहीं खाद्य विभाग के अफसरों ने इसे केन्द्र सरकार की योजना बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया है।

राशनकार्ड बनना भी बंद

नए राशन कार्ड बनना बंद हो गए हैं। जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं। प्रदेश सरकार ने उन्हें भी चावल देने के निर्देश लॉकडाउन के समय दिए थे। छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को मिलने वाली इस सहूलियत में आधार कार्ड जरूरी था। मंगलवार 30 जून प्रवासी मजदूरों को राशन देने की अंतिम तारीख थी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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