रायगढ़(नईदुनिया प्रतिनिधि)। हावड़ा मुम्बई रेल लाइन में रायगढ़ स्टेशन के करीब कोतरारोड फाटक के पास मालगाड़ी व ट्रेन इंजन दुर्घटना के बाद युद्घ स्तर में रूट को बिलासपुर व राजधानी से आए अधिकारी वर्ग के निगरानी में क्लियर किया जाने लगा था। ऐसे मे ओएचई एवं खम्बे ट्रेक से मालगाड़ी के डिब्बे को सैकड़ों मजदूर, आधुनिक उपकरणों हटाया जा रहा था जिसमें दूसरे दिन शुक्रवार देर शाम पांच बजे के आसपास सफलता मिली है। हालांकि रूट पर क्लियर होने के बाद भी लाइन से ट्रेनों की रफ्तार धीमी हो गई है इसके पीछे की वजह सुरक्षा का कारण बताया जा रहे हैं।

गौरतलब हो कि बिलासपुर रेल मंडल में सामान्य गतिविधियों के साथ यात्री और माल गाड़ियों का परिचालन हो रहा था। शहर से सटे करीब पांच किलोमीटर दूर किरोड़ीमल से नजदीक रायगढ़ रेलवे स्टेशन के पास भूपदेवपुर से कोयला खाली कर रायगढ़ आ रही मालगाड़ी खड़ी थी। इसी दौरान करीब दोपहर डेढ़ -पौने दो बजे के आसपास बिलासपुर झारसुगुड़ा रूट में ट्रेंन इंजन एक अन्य इंजन को लेकर आ रही थी। जिसे सिग्नल मुताबिक दूसरे ट्रेक में जाना था, लेकिन यह ट्रेन रुकने के बजाए धड़धड़ाते हुए खड़ी मालगाड़ी के गार्ड बोगी को जबरदस्त तरीके से ठोकर मार दी। स्थिति यह बन गई कि धमाके की आवाज के साथ पूरा अंचल सहम गया था। देखते ही देखते आसपास के लोग एवं स्टेशन में मौजूद अधिकारी कर्मचारी मौके पर आया। देखते देखते माल गाड़ियों व तीन इंजन व चार बोगी पलट गई। वहीं ठोकर मारने वाली इंजन ने मालगाड़ी के पीछे लगे इंजन को ठोका है। वही इसकी वजह ब्रेक फेल होना बताया गया लेकिन सवाल यह है कि जिस ट्रेक में रेल खड़ी थी उसी ट्रेक में इंजन आखिर क्यों आई। अब इन ज्वलंत सवालो का जवाब रेल विभाग के अधिकारियों ने जांच के बाद ही बताना मुनासिब समझ रहे है।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close