रायगढ़। Raigarh News : शहर व जिले में विकास की बयार बहाने के लिए जिला प्रशासन, नगर निगम तमाम प्रकार की इंतजाम कर रही है। इसी कड़ी में लाक डाउन के दौरान रेलवे विभाग द्वारा भी ए ग्रेड का दर्जा प्राप्त रायगढ़ स्टेशन को छत्तीसगढ़ आदिवासी व अन्य कलाकृतियों से सांस्कृतिक रूप दे रही थी । जिसमें अब यह कार्य पूर्ण होने के बाद छत्तीसगढ़ की संस्कृति की झलक नजर आ रही है।

गौरतलब है कि कलानगरी के नाम से पहचाने जाने वाले इस शहर से बाहरी यात्रियों को परिचित कराने के उद्देश्य से ही रेल विभाग के द्वारा स्टेशन में नए तरीके से साज सजावट का कार्य करवाया जा रहा है। इसमें रायगढ़ रेलवे स्टेशन प्रांगण बाहर नया रूप कलाकृतियों से सजाया जा रहा था, जो 100 फीसदी पूर्ण हो चुका है। अब यहां दूसरे शहरों राज्यों आने वाले यात्रियों को स्टेशन में छत्तीसगढ़ विशेषकर बस्तर की झलकियां देखने को मिल रही हैं।

यह झलकियां टाइल्स में उकेरी गई हैं और फिर उसे दीवारों में चस्पा किया गया है। इस टाइल्स में झारा शिल्प की आकृतियां है, जो रियासत काल को अनुभूति करा रहा है। इसके अलावा प्रदेश की पारम्परिक लोक नृत्य भी है रेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिन में।

दो मूर्ति लगेगी यह मूर्ति लाक डाउन व अन्य कारणों से लगने में विलंब का दंश झेल रही है। फिलहाल रेल प्रबंधन साज सज्जा को तहरीज दे रहे है। वही यात्रियों की संख्या कोरोना के कारण कम है लेकिन जो स्टेशन आ रहे है वो इन कलाकृतियों को देख का तारिफ कर रहे है।

रायगढ़ और बस्तर की झलकियों को उकेरा गया

प्रदेश व जिले से बाहर से आने वाले यात्री जैसे ही स्टेशन में उतरेंगे या फिर शहर से जाने के लिए स्टेशन आएंगे तो उन्हें परिसर के प्रांगण की दीवारों में लगे रायगढ़ व बस्तर झारा शिल्प की कलाकृति नजर आएगी। इन टाइल्सों में रायगढ़ और बस्तर जिले की झारा शिल्प कला को बेहद आकर्षक रूप से उकेरा गया है।यह प्रदेश की वैभव शाली संस्-ति की झलक दिखा रही है।

आकृति कला से जुड़े लोगों को कर रही है आकर्षित

दीवार पर चस्पा कला-तियों के बारे में जब कुछ लोग व यात्रियों से चर्चा किया गया तो उन्होंने बताया कि यह कला-तियों को कलाकार ही बखूबी समझ पाएगा और बता पाएगा। हालांकि झारा शिल्प की स्टेशन परिसर में उकेरी गई आ-तियों को लोगों को आकर्षित कर रही है । लोगो ने यह भी कहा कि इस कला-तियों को भावी पीढ़ी और वर्तमान पीढ़ी बेहतर तरीके से समझ सके इसके लिए सांकेतिक जानकारी भी उल्लेख करना चाहिए।

दो मूर्ति लगते ही रिसायत कालीन वैभव का होगा अनुभव

जिले की पहचान कला संगीत धर्म कऔर दानवीर की नगरी के नाम से जाना जाता है संगीत सम्राट महाराजा चक्रधर सिंह की ख्याति देश भर में है। इसे देखते हुए प्रदेश की पारंपरिक नृत्य की मुद्रा में खड़ी महिलाओ की दो बड़ी मूर्तियां भी प्रवेश द्वार में लगाई जायेगी। इससे रियासतकालीन की वैभव गाथा की झलकियां देखने को मिलेंगी।

स्टेशन प्रांगण में चलने के दौरान रियासतकालीन शहर रायगढ़ को तब के राजा-महाराजाओ के जमाने में किस तरह सजाया जाता था,उसका एहसास कला कृतियों से होगा। स्टेशन मास्टर पीके राउत ने बताया कि बाहर की दो मूर्तियों के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है कि वह कब लगेंगी। कला की पहचान से लोग वाकिफ हो इसके लिए प्रयास करेंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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