मनमोहक नयनाभिराम झांकी लोगो कर रही मंत्र मुग्ध

पᆬोटो क्रमांक 22 आरजीएचपी 19, 20, 21 (रायगढ़। आकर्षक झांकी, शुभारंभ करते अतिथि, सजा गौरीशंकर मंदिर)

रायगढ़। नईदुनिया प्रतिनिधि

प्रदेश की ख्यातिलब्ध सामाजिक धार्मिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक कायोर् में अग्रणी संस्था श्री श्याम मंडल द्वारा संजय काम्पलेक्स स्थित श्याम बगीची में 22 से 26 अगस्त तक 24 वें अेतिहासिक श्री कृष्ण जन्माष्टमी झूला उत्सव का आगाज देर शाम साढ़े छः बजे के आसपास धूमधाम व गरिमामयी रूप से किया गया। जिले में आयोजित श्री कृष्ण जन्माष्टमी महाउत्सव को देखने छत्तीसगढ प्रदेश ही नहीं अपितु दूसरे राज्यों से भी हजारो लाखों दर्शनार्थी यहां बहुतायत संख्या में आते हैं। श्याम मंडल द्वारा आयोजित गरिमामयी, हाईटेक स्वचलित झांकियों का विधिवत लोकसभा की सांसद श गोमती साय के मुख्य आतिथ्य में हुआ जिसमें विशिष्टजनों व गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में गोमती साय श्री श्याम दीप प्रज्वलित कर हाईटेक स्वचलित झांकियों का शुभारंभ की। श्री श्याम मंडल द्वारा नए कलेवर के साथ चित्ताकर्षक नयनाभिराम 18 झांकियों का निर्माण कराया गया है। इन कला-तियों को देखकर सांसद श्रीमती साय ने कहा कि यह झांकियों को देख संजीदगी का एहसास होता है। विदित है कि उन्होंने श्याम मंडल की स्थापना सन 1975 में हुई है तब से आज तक मंडल अपनी धार्मिक सामाजिक, सांस्कृतिक सहभागिता दर्ज कर सक्रिय भूमिका अदा करते आ रहा है।

इस अवसर पर व उत्सव को भव्यता देने में जुटे श्याम मंडल के सदस्य श्री श्याम मंडल की ओर से अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष अनिल केडिया, ओमप्रकाश अग्रवाल, सचिव राजेश चिराग, सह सचिव विजय बंसल, किशन केडिया, कोषाध्यक्ष सुनील बंसल, मंदिर व्यवस्था रामकुमार बंसल, भवन व्यवस्था बसंत पालीवाल, प्रोग्राम अध्यक्ष शिव थवाईत, आडिटर दिनेश सी।ए।, सलाहकार राजेन्द्र अग्रवाल, पुरूषोत्तम अग्रवाल, ड। पवन अग्रवाल लक्ष्मीनारायण शर्मा, पूर्व अध्यक्ष गुलाब डालमिया, कैलाशचंद अग्रवाल, श्याम सुन्दर गर्ग, रामअवतार केडिया, नरसिंग केडिया, हनुमान सावडिया, कैलाश बेरीवाल, सचिन बंसल, महेश सिंघानिया, दीपक मित्तल, अनिल गर्ग, सुरेश केडिया, पूर्व अध्यक्ष बजरंग लेन्ध्रा, कैलाश अग्रवाल के अलावा बड़ी संख्या में भक्त जन मौजूद थे।

इन झांकियों से बंधेगी श्याम मंडल में समा

प्रथम पूज्य देव गणेश भगवान भोलेनाथ सहित कैलाश पर्वत पर महोत्सव,रामावतार में भगवान शंकर बने मदारी,श्री कृष्ण द्वारा कालिया मर्दन, श्रीकृष्ण द्वारा अपने श्रीमुख में ब्रह्मांड दर्शन,महाभारत युद्ध के दौरान कौरव द्वारा अभिमन्यु वध,श्री हनुमान द्वारा लक्ष्मण मूर्छित होने में संजीवनी बूटी लाना, श्री कृष्ण द्वारा बकासुर वध,मोटू पतलू की जोड़ी बच्चों का अतिप्रिय मनोरंजक झांकी,भगवान कृष्ण द्वारा शिशुपाल का वध करना,अयोध्या में भगवान श्रीराम चन्द्र का राज्याभिषेक,

भागीरथ मुनि द्वारा श्री गंगा मैया का धरती पर अवतरण, बाल श्रीकृष्ण द्वारा विशाल राक्षसी पूतना का वध, श्रीराम भक्ति में लीन वीर शिरोमणी हनुमान भगवान, भगवान भोलेनाथ की भष्म आरती की विशाल मनमोहक झांकी,पंडाल के मध्य में भगवान शिव का तांडव नृत्य की चित्ताकर्षक स्वचलित विशाल झांकीश्री लड्डू गोपाल झूला, श्री बांके बिहारी दर्शन, चांदी का श्री राधाकृष्ण झूला आदि

ऐसे रहेगी यातायात की व्यवस्था

जन्माष्टमी के अवसर शहर में मन्दिर मेला दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं भीड़ उमड़ती है। इसे देखते हुए यातायात पुलिस भी सुगम यातायात बनाये रखने वे लिए कटिबद्ध नजर आ रही हैं। जिसमें दर्शनार्थियों को छोटी बड़ी वाहन पाकिर्ग के लिए 4 स्थल चयनित किया गया है जिसमें शहर के मध्य नटवर स्कूल मैदान, रामलीला मैदान शामिल, चक्रधर नगर क्षेत्र मे मिनी स्टेडियम, वही जूटमिल की ओर से आने वाले वाहनों की पाकिर्ग सुविधा पुरना बस स्टैंड के पास है। इसके अलावा न्यू मार्केट, गद्दी चौक , गोगा मन्दिर चौक सारंगढ चौक, कोष्टापारा मार्ग को ड्राप के गेट रूप रखा गया जिसके बाद आगे वाहन प्रतिबंधित रहेगा।

संदिग्ध व असामाजिक स्थिति से निपटने चप्पे चप्प्पे पर पुलिस

जन्माष्टमी मेले के दौरान लोगों की भीड़ भाड़ का लाभ उठाते हुए असामाजिक तत्व संदिग्ध लोग नापाक हरकतों से चोरी चकारी की घटना को अंजाम देते हैं। इसकी शिकायत विगत 4 सालों से लगातार थाने में आ रही है इसे देखते हुए इस बार जिला पुलिस सतर्कता बरत रही है। जिसमें असामाजिक तत्वों को दबोचने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस जवान व अधिकारियों की टीम को तैनात किया गया हैं। पुलिस जवान सादे वर्दी में भी घुमकर लोगो पर अपनी नजर रखेंगे। इसी तरह सीसीटीवी फुटेज भी दुरुस्त किया गया है।

कोलकाता के कुमार टोली व दुर्ग के कलाकर की बेजोड़ कला

जिले के साथ साथ साथ पड़ोसी राज्यो में भी श्याम मंदिर की आकर्षक जीवंत झांकियों की धूम चुहुओर रहती है। इन झांकियों को कोलकाता के कुमारटुली के मूर्तिकार एवं दुर्ग के कलाकार द्वारा बेजोड़ कला-तियों का निर्माण कर मूर्तियों को जीवंत रूप में ढाल कर अपनी कला का जादू दिखाया है। जिसे देखकर लोग मंत्र मुग्ध हो रहे है। कालाकर्ति अेसी है कि लोग देखकर भौचक नजर आये एवं आपस मे चर्चा करते रहे।

सज गई खरीददारी की दुकाने

श्री कृष्ण जन्माष्टमी की ख्याति काफी है लोगो की भीड़ भी दूर दराज ग्रामीण अंचल से उमड़ती है। इसे देखते हुए दीगर राज्य ओड़िसा, बंगाल व राजस्थान सहित अन्य राज्यो से बड़ी संख्या में लोग मेले में विभिन्न आईटम की बिक्री करने लाते है। इन समानों की डिमांड भी काफी रहती है वह भी केवल चकाचौंध एवं साल में एक बार मिलने के कारण है।