रायगढ़। घरघोड़ा उप वनमंडल अंतर्गत समारूमा हाथी प्रभावित संरक्षित वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाला अमलीडीही सुमड़ा क्षेत्र में हाथी व जंगली जानवरों के शिकार के मामले में रायगढ़ - धरमजयगढ वनमंडल रेंज के अधिकारी अपनी कमजोरियां छुपाने के लिए छोटे वन्य कर्मचारियों पर ठिकरा फोड़ रहे हैं। वनपाल, बीट गार्ड जैसे फील्ड कर्मचारी इनके कार्यों से परेशान होकर नौकरी छोड़ने की बात कर रहे हैं। विभाग के अधिकारी ट्रेनिंग में गई बीट गार्ड को निलंबित कर दिया है। इससे अधिकारियों के प्रति कर्मचारियों में नाराजगी है।

करंट से हथिनी की मौत के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया था। आनन फानन में दो व्यक्तियों को पकड़कर अपनी लापरवाही छुपाने में विभाग लगा रहा। इसी बीच जब विभागीय कार्रवाई शुरू हुई तो परिसर में कार्यरत कर्मचारी सुशीला खड़िया द्वारा वन परिक्षेत्र अधिकारी को बिना सूचना दिए कार्यस्थल से अनुपस्थित पाए जाने पर डीएफओ ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है। जबकि वह विभाग के ट्रेनिंग में गई हुई थी इसे लेकर कर्मचारी संगठन में नाराजगी है।

डिप्टी रेंजर पर भी लापरवाही का आरोप

विभागीय सूत्रों व ग्रामीणों के अनुसार डिप्टी रेंजर विजय भगत कभी भी कार्यस्थल पर नहीं रहते है। वर्तमान में वे अपने निजी कार्यों के लिए ग्राम सरायपाली में है। जबकि घटना के समय विजय भगत की ड्यूटी थी।

विभाग की नाकामी वन्य जीव और आमजन दोनो असुरक्षित

वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की उदासीनता के चलते रायगढ़ जिले के दोनों वनमंडल क्षेत्र में आए दिन कभी वन्यजीवों का शिकार हो रहा है। जिसकी जानकारी जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों को तक नहीं लग रही है। वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों लापरवाही के चलते दोनों वन मंडल परिक्षेत्र के अंतर्गत आमजन से लेकर वनोपज वन संरक्षण के साथ-साथ वन्यजीव पूरी तरह से असुरक्षित है इसका प्रमाण विभाग के रिकार्ड के अनुसार पता चल रहा है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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