रायगढ़- सारंगढ़। सारंगढ उप जिला जेल में सरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत पास्को एक्ट के प्रकरण में निरूद्घ बंदी की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसमें बंदी की लाश जेल के भीतर बने रसोई घर के बगल में खाली कमरे मे फांसी के फंदे में गमछे के सहारे लटकता मिला। बंदी की मौत के बाद परिजनों ने किसी साजिश की आशंका जताए है।

मिली जानकारी के मुताबिक मृतक विचाराधीन बंदी का नाम दीपक मराठा है साल भर पहले लाकडाउन के दौरान सरिया पुलिस ने पाक्सो एक्ट के मामले में गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद इसे सारंगढ; जेल में न्यायालय आदेश में दाखिल कर दिया गया था।

बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह लगभग 10 बजे दीपक का शव जेल के भीतर किचन के बाजू में बने रूम में फांसी के फंदे पर लटकता देखा गया।

जिसके बाद बंदियों ने इसकी जानकारी जेल पहरियों को दिए जहां बंदी की लाश फंदे पर लटके हुए मिलने से जेल प्रबंधन में खलबली मच गई। यह स्थिति जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक मे बना रहा। आनन फानन में न्यायिक दंडाधिकारी के दिशा निर्देश में कानूनी कार्यवाही के बाद शव को फंदे से नीचे उतारा गया।

फिलहाल मृतक के शव का पीएम कानूनी कार्रवाई को पूरा किये जाने के बाद किया गया ततपश्चात दाह संस्कार के लिए शव परिजनों के सुपुर्द किया गया। वही परिजनों की ओर से इस बात की आशंका जाहिर की जा रही है कि उसकी मौत आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। मृतक दीपक किसी भी स्थिति में आत्महत्या नहीं कर सकता है बल्कि जेल में उसे प्रताड;ति कर और यातनाएं देकर मौत के घाट उतार दिया गया है।

लेकिन सवाल यह है कि जेल में बंद बंदी आखिर किस वजह से फांसी के फंदे में झूला है या फिर लटकाया गया है। इस तरह की चर्चा अंचल में व्यापक स्तर में चल रही है, किन्तु पूरे मामले का पटाक्षेप हो पाएगा।

प्रभारी छुट्टी पर परिजनों ने जताई साजिश की आशंका

बताया जा रहा है कि उपजेल प्रभारी बीएस ध्रुव विगत कुछ दिनों से पारिवारिक कार्य के सिलसिले में अवकाश पर चल रहे है, दूसरी तरफ परिजनों इस स्थानीय मिडीया प्रतिनिधि से चर्चा करने पर बताएं कि कहना जेल प्रभारी का छुट्टी में जाना और इस प्रकार की घटना उसके जेल में घटित होना किसी साजिश का बड;ा हिस्सा प्रतीत होता है इसलिए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए ताकि मौत के कारणों का सही पता लग सके।

आनन-फानन में शुरू हो गई है जांच

जेल प्रबंधन की ओर से विचाराधीन बंदी के फांसी पर लटके होने की सूचना पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को दी गई। जिसके बाद सारंगढ; के तहसीलदार एवं थाना प्रभारी मौके पर पहुंच गए और मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है। अब देखना यह है कि इस रहस्यमई मौत से पर्दा हट पाता है या जेल की चार दीवारियों के भीतर ही मौत का रहस्य दफन हो होकर आत्महत्या में तब्दील हो जाता है।

प्रहरियों पर गिर सकती है लापरवाही का गाज

जेल सूत्रों के मुताबिक सुबह व शाम को बंदियों को विभिन्ना समय मे बैरक से निकाला जाता है ततपश्चात ये बंदी अपने नित्यकर्म में लगे रहते है। जिस पर जेल पहरियों द्वारा उनके हर एक गतिविधियों पर मौके पर उपस्थित होकर एवं सीसीटीवी कैमरे में उनकी गतिविधियों को दफ्तर में लगे मानीटर में देखा जाताहै किंतु बंदी द्वारा फांसी लगाया जाना जिसकी भनक 20 से 30 मिनट बाद पहरियों को मिलना कही न कही लापरवाही को उजागर करता है। यही वजह है कि अब इस लापरवाही पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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