रायगढ़( नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में मानसून के पिछड़ने के चलते पुराने करीब 8 साल के रिकार्ड को पीछे छोड़ते हुए 7 फीसद तक औसत बारिश दर्ज किया गया। कुछ तहसील सूखे की हालत के दौर से गुजर रहे थे किसान चिंतन मनन में लग चुके थे लेकिन अब सावन के अंतिम दिनों में दो दिन से बारिश की झड़ी होने पर सूखा होने की स्थिति वालो रिकार्ड से बाहर आ गया है। इससे किसानों के चेहरे में रौनक लौट आई है तो त्यौहार के ठीक पहले दिन बारिश की झड़ी ने व्यपारियों को परेशान कर दिया है।

सावन माह के शुरुआती दिन व अंतिम दिनो में लोग बारिश की राह तक रहे थे लेकिन मौसम की दगाबाजी से बारिश का आता पता नही था ऐसे में किसान तो सूखा ग्रस्त होने की स्थिति में परेशान थे इसी बीच सोमवार रात एवं मंगलवार पूरे दिन कभी झामझम तो कभी रिमझिम बारिश होने से मृत हो रहे धान के पौध को संजीवनी मिल गई है ।

शनिवार रात्रि में झामझम बारिश से मौसम सुहाना हो गया था। लेकिन रविवार को पुनः धूप खिलने से ऊमस से समूचे जिले वासियो को दो चार होना पड़ गया। गौरतलब हो कि सावन की विदाई से पहले ही बाद झामझम बारिश की गुंजाइश बनी हुई थी। लेकिन मानसून बादलों के कारण भले ही इस साल बीच-बीच में झमाझम बारिश की झड़ी नहीं लगी। एक-दो दिनों के लिए मौसम मेहरबान हुआ किंतु चार से सात दिनों वाली बारिश का सपना टूट गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अब भादो में अच्छी बारिश हो सकती है लेकिन वर्तमान में यह स्थिति नजर नही आ रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close