रायगढ़ ( नईदुनिया प्रतिनिधि)।

शासन द्वार बधाों के लिए सुविधाओं का इजाफा करते हुए लकड़ियों से बना चौरस पाटा जिले के 3 हजार 400 आंगनबाड़ी केंद्र में देने का निर्णय लिया गया था। चौरस पाटा (छोटा बैंच) को भारीभरकम राशि खर्च कर मंगवाया गया था, लेकिन इसे महिला बाल विकास के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से केंद्रों में वितरण नही किया जा सका, ऐसे में अब यह गोदाम में रखे रखे दीमक के हवाले हो गया है।

गौरतलब हो कि आंगनबाड़ी गरीब व मध्यय वर्गीय तबके के लिए शिक्षा का पहला पड़ाव है। जहां से शिक्षा दीक्षा के साथ साथ उनके स्वास्थ्य व पोषण का भी ध्यान रखा जाता है। इसी वजह से आंगनबाड़ियों में बधाों को सही पोषण आहार मिले और उनकी प्रारंभिक शिक्षा अच्छी हो इसके लिए शासन द्वारा कई प्रकार की योजनाएं चलायी जा रही है। हर साल आंगनबाड़ियों की अव्यवस्था सुधारने का भी प्रयास विभाग द्वारा किया जाता है। जिसमें जिले भर के आंगनबाड़ी केंद्र में देने के लिए चौरस पाटा मंगवाया गया था। लेकिन इसका वितरण आधा भी नही हो पाया है, इस वजह से एसडीएम दफ्तर के पीछे शहरी गोदाम में ढेरों पड़ा हुआ है। आलम यह है कि एक के उपर रखे जाने व लम्बे समय से एक ही स्थान पर रहने से किसी का पाया टूट गया है तो किसी मे दीमक भी लग चुके है, जो आधा दर्जन पाटा के लकड़ियों को अपना भोजन धीरे धीरे बनाते हुए खोखला कर रहे है। जिसकी पुष्टि स्वयं महिला बाल विकास से जुड़े अधिकारी द्वारा किया जा रहा है। वही जल्द ही वितरण कर लेने का दवा भी किया जा रहा है।

पढाई और खेल में होता लाभदायक

शासन द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रो को उपलब्ध कराने वाला पाटा का मुख्य उद्देश्य केवल आंगनबाड़ी केंद्रों को हाइटेक की दिशा में आगे ले जाना था, यहां यह भी बताना लाजमी होगा कि शासन से आंगनबाड़ी को प्ले स्कूल का भी दर्जा देने की बात कही गई थी। वही

विभागीय अधिकारियों के बताए अनुसार उक्त पाटा का उपयोग बधाों को केंद्र में आकर जमीन में बैठकर पढाई से निजात मिलता। इसके अलावा यह खेल में भी उपयोग होता।

फेक्ट फाइल

ब्लाक केंद्र

रायगढ शहरी - 157

रायगढ ग्रामीण- 268

तमनार - 202

घरघोड़ा- 166

धरमजयगढ़- 276

सारंगढ- 108

पुसौर- 283

लैलूंगा- 179

खरसिया- 357

कोसीर- 172

बरमेकला - 142

लेन्ध्रा- 125

मुकडेगा- 139

कापू- 243

जिले के आंगनबाड़ी केंद्र के लिये पाटा आया था अधिकांश वितरण हो चुका है शेष को भी जल्द से जल्द भेजा जाएगा , सभी पाटा को दुरुस्त भी किया जा रहा है।

टीके जाटवर, महिला बाल विकास अधिकारी

Posted By: Nai Dunia News Network

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