रायगढ़ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। प्रदेश व्यापी आंदोलन के तहत जिले के अधिक अधिकारी-कर्मचारी दो सूत्रीय मांग को लेकर पांच दिनों से हड़ताल पर थे। हड़ताल में जाने के बाद शासन ने कार्रवाई करते हुए हड़ताल अवधि का वेतन काटने का आदेश जारी किया है। इसे लेकर फेडरेशन के अधीन विभिन्ना संगठन के पदाधिकारियों ने कलेक्टर परिसर के सामने आदेश की

प्रति को जलाकर अपना विरोध जताया है।

पांच दिनों का वेतन काटने के आदेश के विरोध में अधिकारी कर्मचारियों ने सोमवार को दोपहर एक बजे अल्प अवकाश के दौरान कलेक्टोरेट के सामने प्रदर्शन किया। जमकर नारेबाजी करते हुए शासकीय अधिकारियों ने कहा कि शासन जितना हमे दबाएगी हम उतना ही लड़ेंगे। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के कलीमुल्लाह के नेतृत्व में कलेक्टर परिसर पहुंचे। इस दौरान पांच दिवसीय सामूहिक अवकाश का वेतन काटने को लेकर आदेश की प्रतियां जलाई गई। शासन के आदेश से हम डरने वाले नहीं हैं. 2006 के बाद से 323 आंदोलन हो चुके हैं। इस दौरान कभी भी किसी अधिकारी कर्मचारी का वेतन नहीं कटा है. इसलिए आदेश की कॉपी जलाई गई है। इस दौरान विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों से लेकर अन्य लोग मौजूद थे इधर जिस जगह ये प्रदर्शन किया गया वो प्रतिबंधित क्षेत्र है हमेशा धारा 144 लागू रहती है। इधर प्रदर्शन के तरीके और स्थान को लेकर प्रशासन के आलाधिकारी ने भी आपत्ति जताई है। बहारहाल अधिकारी कर्मचारियों उग्र आंदोनल कीरणनीति बनाई है।

पांच दिन की हड़ताल नौ दिन काम ठप

अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के आह्वान पर विभिन्न संघ के पदाधिकारी व सदस्य पांच दिवसीय हड़ताल पर रहे। इसके लिए सभी समूहिक अवकाश लिया था। पांच दिन की हड़ताल के कारण नौ दिन काम प्रभावित रहा। लोग भटकते रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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