रायगढ़। जंगली सूअर का शिकार करने बिछाए गए करंट की चपेट में आकर तीन ग्रामीणों की मौत हो गई। हादसे में एक कोटरी की भी जान गई है। सूचना पर स्थानीय पुलिस और वनविभाग की टीम ने मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की। तीनों ग्रामीणों के शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। वहीं वन विभाग की टीम ने मृत कोटरी के शव का पोस्टमार्टर कराने के बाद अंतिम संस्कार करा दिया है।

मामला पूंजीपथरा थाना क्षेत्र का है। बताया गया कि बीरबल धनवार निवासी पूंजीपथरा, अनिल कुजूर निवासी लैलूंगा सोनाजोरी और बोधन तिर्की निवासी बैगाबहार कोतबा पूंजीपथरा के आसपास की संयंत्रों में रोजी मजदूरी करते थे। बुधवार की देर शाम को तीनों ने जंगली सूअर और कोटरी के शिकार की योजना बनाई। इसके बाद जीआइ तार और बांस की डंगनी लेकर पूंजीपथरा और तराईमाल के बीच जंगल में पहुंचे। यहां जीआइ तार के एक सिरे को पास से गुजर रही 11000 केवी करंट से जोड़ दिया और दूसरे सिरे को आसपास फैला दिया। इसके कुछ देर बाद ही ग्रामीणों के बिछाए करंट की चपेट में एक कोटरी आ गई।

आशंका है कि करंट की चपेट में आए कोटरी को निकालने के दौरान ही तीनों ग्रामीण भी करंट की चपेट में आ गए होंगे। इसे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गुरुवार की सुबह जंगल पहुुंचे ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई और पूंजीपथरा पुलिस के साथ वन विभाग के अधिकारी को दी। इस पर पुलिस और वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और विभागीय कार्रवाई शुरू की। तीनों ग्रामीणों के शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ​पहुंचा दिया है। वहीं वन अमले ने मृत कोटरी के शव का पोस्टमार्टम कर नियमानुसार अंतिम संस्कार करा दिया है। पुलिस पीएम रिपोर्ट आने के बाद मामले में कार्रवाई की बात कह रही है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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