रायगढ़ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मेडिकल कालेज अस्पताल का भवन बनकर तैयार होने के बाद भी लंबे समय तक अस्पताल को शिफ्ट करने में ध्यान नहीं दिया जा रहा था। यहां कई तरह की आवश्यक सुविधाएं नहीं होने के कारण विलंब होने की बात कही जा रही थी। बीते सप्ताह स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के रायगढ़ प्रवास के दौरान पत्रकारों ने अस्पताल की शिफ्टिंग का मुद्दा उठाया। इसके जवाब में उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर नाराजगी जाहिर करते हुए 15 दिन के भीतर अस्पताल शिफ्ट नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की बात कही थी। इतना ही समीक्षा बैठक में प्रशासनिक स्तर पर अस्पताल को शिफ्ट करने के निर्देश दिए । इसके बाद यहां युद्घ स्तर पर काम चल रहा है। ताजा स्थिति में मोडिकल कालेज अस्पताल प्रबंधन ने आर्थो एवं फिजियोथेरेपी विभाग का नई बिल्डिंग में सुचारू संचालन कर दिया है।

मेडिकल कालेज अस्पताल स्थापना काल से यहां सेठ किरोड़ीमल द्वारा निर्मित जिला अस्पताल में संचालित है। अस्पताल में जरूरी स्वास्थ्य व्यवस्था का टोटा है। यहां बेहतर इलाज की लालसा लेकर आने वाले मरीजों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। स्थिति यह थी कि मरीज निजी अस्पताल में रिफर किए जा रहे थे, ऐसे में स्वयं का भवन होने के बाद भी अव्यवस्था से जूझता अस्पताल सुर्खियों में था मरीज उपेक्षित का दंश झेल रहे थे, इस समस्या पर मंत्री से सवाल जवाब कड़ी हिदायत के साथ शिफ्टिंग की बात किए थे, इसी तारतम्य में अब अस्पताल बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सके इसके लिए क्रिकेट अस्पताल से लेकर अपने साजो सामान के साथ अस्पताल को नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर रही है जहां पहले चरण में महिला एवं शिशु रोग को एमसीएच अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया तो अब (आर्थो) हड्डी रोग के लिए चिकित्सक की तैनाती करते हुए परामर्श केंद्र व इसी से सम्बंधित फिजियोथेरेपी विभाग को भी चालू किया गया है। हालांकि वर्तमान में मरीज कम संख्या में आ रहे हैं परंतु यह संख्या आगामी दिनों में इजाफा होना बेहतर इलाज के लिए तय है।

फिजियोथेरेपी में प्रतिक्षा की समस्या हो गई समाप्तः

समय के साथ केजीएच बिल्डिंग मरीज व अस्पताल के हिसाब से छोटा होने लगा था। यही हाल गायनिक एवं फिजियोथेरेपी विभाग में था जहां गायनिक वार्ड में एक बिस्तर में दो से तीन प्रसुताओं को रखा जाता था जबकि फिजियो विभाग में एक साथ दो मरीज का उपचार हो रहा था,ऐसे में नए भवन में शिफ्ट होते ही प्रतीक्षा से लेकर विभिन्न तरह की परेशानियों का अंत हो गया।

अधिकारी कर रहे सतत निरीक्षणः

मंत्री दो टूक शब्दों में 15 में काम नहीं होने पर अधिकारियों को बदले जाने की बात कह रहे हैं। ऐसे में अस्पताल अधीक्षक व अन्य जिम्मेदार अधिकारी 24 घंटे सतत निरीक्षण कर शिफ्टिंग का जायजा ले रहे हैं। ठेकेदार व कामगारों से भी चर्चा कर जमीनी से वाकिफ होकर व्यवस्था सुध ले रहे है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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