रायगढ़। (नईदुनिया प्रतिनिधि)। चौकी प्रभारी खरसिया उपनिरीक्षक नंदकिशोर गौतम को सूचना दिया कि मौहापाली चौक बायपास रोड खरसिया पर खड़ी वाहन में सरई लकड़ी का पल्ला लोड है, लकड़ी को गाड़ी में रखकर दो व्यक्ति लकड़ी बिक्री के लिए आसपास ग्राहक तलाश कर रहे हैं ।?

सूचना पर तत्काल चौकी प्रभारी स्टाफ के साथ बाईपास रोड पर घेराबंदी कर दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया । एक व्यक्ति अपना नाम धनेश भारद्वाज पिता मयाराम भारद्वाज उम्र 30 साल निवासी भिखमपुरा सारंगढ़ हाल मुकाम नवापारा थाना छाल तथा दूसरे व्यक्ति ने अपना नाम लच्छन सतनामी पिता साधराम शांडिल्य उम्र 31 साल निवासी सारसमार थाना छाल बताया लकड़ी के संबंध में पूछताछ करने पर बताया कि उसने गांव के जंगल से सरई पेड़ को काटकर लकड़ी का पल्ला चिरान बनाकर ग्राम सारसमार जंगल में छिपाकर रखा था और लकड़ी को बिक्री के लिए धनेश भारद्वाज से बात कर उसके डस्टर वाहन में लेकर खरसिया बिक्री के लिए लाए थे । दोनों के कब्जे से वाहन में लोड 22 नग सराई लकड़ी का चिरान कीमती करें 14,800 एवं पुरानी डस्टर वाहन सीजी 13 डब्ल्यू 2864 कीमत 5,00,000 रुपये 5,14,800 का जब्त किया गया। दोनों के कथनों से सराई लकड़ी चोरी की संपत्ति के संदेह पर डस्टर वाहन मय चिरान धारा 102 सीआरपीसी के तहत कार्यवाही कर जप्त कर माल वन परीक्षेत्र अधिकारी खरसिया के सुपुर्दअग्रिम कार्यवाही के लिए दिया गया । आरोपियों की घेराबंदी रेड कार्यवाही में चौकी प्रभारी खरसिया उपनिरीक्षक नंदकिशोर गौतम के साथ प्रधान आरक्षक मनोज मरावी, महेंद्र खरे, शंकर क्षत्रिय, अशोक देवांगन, आरक्षक साविल चंद्रा, सोहन यादव, कीर्ति सिदार, सुरेंद्र पटेल, त्रिभुवन सिदार, गंगा यादव की अहम भूमिका रही है।

छाल के बनहर के तस्कर चिरान गोला छोड़ भागे वन विभाग को लापरवाही व कागजी गस्त के चलते जंगल एवं वन्य जीव के जीवन मे संकट उतपन्न हो गया है। बीते सप्ताह हाथी की सड़ी गली लाश छाल के ही जंगल में बरामद हुआ था ऐसे में विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गया था। ततपश्चात गस्त को दुरुस्त करने विभाग ने कमर कसा। वही बनहन के जंगलों में तस्करों ने पिकअप वाहन में इमारती लकड़ी का गोला लोडकर लजे जा रहे थे जब इस पर वन विभाग की गस्त टीम की रात्रि में नजर पड़ी तो वे वाहन छोड़ कर भाग खड़े हुए बहरहाल वाहन को जब्त कर वन विभाग कार्रवाई की है ।

पड़ोसी जिले के लोग से ग्रामीणों से मिलकर कर रहे है तस्करी कार्रवाई में जब छानबीन की गई तो विभाग को जानकारी मिली कि तस्करी करने वाले लोग स्थानीय ग्रामीणों से मिलकर पेड़ो की कटाई शातिराना तरीके से कर औने पौने दाम में खरीदते है और फिर ये तस्कर जांजगीर व अन्य जिले में खपाते है बहरहाल अब सघन पूछताछ में ही तस्करी का भंडाफोड़ हो सकता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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