कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। उरगा में छह साल से तैयार हो रहे रेलवे ओवर ब्रिज तीन माह बाद शुरू हो जाएगा। पटरी के उपर गर्डर लांचिंग के लिए रेलवे से अनुमति नहीं मिलने की वजह से काम ढाई साल से बंद था, जिसे सप्ताह भर पहले पूरा कर लिया गया। पुल के दोनों ओर रिटर्निंग वाल बनाने का काम जारी है। अधिकारियों का दावा है कि अप्रैल माह में काम पूरा कर आवागमन शुरू कर दिया जाएगा।

उरगा-हाटी राष्ट्रीय राजमार्ग में 23.22 करोड़ की लागत से तैयार हो रही रेलवे ओवर ब्रिज का काम 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। आम लोगों को आवागमन सुविधा मिलने का बेसब्री से इंतजार है। पुल निर्माण की स्वीकृति शासन ने वर्ष 2017 में दी थी। जारी निविदा के अनुसार काम वर्ष 2020 तक पूरा हो जाना था। धीमी गति से जारी काम कोराना संक्रमण की वजह से पूरी तरह बंद हो गया। शासन ने काम को पूरा करने के लिए एक वर्ष का अतिरिक्त समय दिया। इस दौरान ठेकेदार ने पुल के दोनों छोर पर काम पूरा कर लिया। पटरी के ठीक उपर हाईटेंशन के दायरे में गर्डर लांचिंग के लिए रेलवे से अनुमति मांगी गई थी। समय पर अनुमति नहीं मिलने की वजह से काम पूरा होने में ढाई साल लग गया। अक्टूबर माह में रेलवे ने गर्डर लांचिंग की अनुमति दी। इसी माह के पहले पखाड़े में काम पूरा किया जा चुका हैं। पुल में दो महत्वपूर्ण काम शेष हैं, इनमें रिटर्निंग वाल और डामरीकरण का काम शामिल है। गर्डर लांचिंग के बाद ठेकेदार ने रिटर्निंग वाल बनाने का काम शुरू कर दिया है। इसके बाद डामरीकरण का काम भी शुरू हो जाएगा। बताना होगा कि शहर के बाद यह जिले का दूसरा रेलवे ओवर ब्रिज है। ब्रिज के अस्तित्व में आने से उरगा व भैसमा जैसे दो बड़े गांवों की दूरिया सिमट जाएगी। उरगा मार्ग से भैसमा तहसील, कालेज, स्कूल आवागमन करने वाले विद्यार्थियों को सुविधा होगी। यहां बताना होगा कि सेतु निगम के तत्वावधान में जिले में दर्री बराज का समानांतर और उरगा का रेलवे ओवर ब्रिज का लोगों को लंबे समय से इंतजार है। इनमें समानांतर पुल से आवागमन शुरू हो चुका है। उरगा पुल से आवागमन शुरू होने से जिले में परिवहन व्यवस्था सुदृढ होगी।

भू- अधिग्रहण के मामले निराकृत हुए

पुल के दोनों छोर को मुख्य मार्ग में जोड़ने में लगभग चार हेक्टेयर निजी जमीन बाधा बन रही थी। सेतु निगम ने इस मामलें का निपटारा करने के लिए राजस्व विभाग को साल भर पहले आवेदन दिया था। जिस पर तीन माह पहले सुनवाई की गई। निराकरण होने के अब एप्रोच मार्ग का काम भी लगभग पूरा हो गया है।

धूल और वाहनों की लंबी कतार से मिलेगी मुक्ति

उरगा- हाटी मार्ग में निर्मित रेलवे फाटक हर आधे घंटे में बंद हो जाती है। इस दौरान मार्ग में आवागम ठप रहती है। पुल के दोनों ही छोर में भारी वाहनों की लंबी कतार लग जाती हैं। जैसे ही फाटक खुलता है तब दोनों ओर के वाहनों के रेलम पेल भीड़ के साथ धूल का गुबार उठने लगता है। इससे छोटे वाहन चालकों के लिए खतरा बना रहता है।

उरगा के रेलवे ओवर ब्रिज का काम 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। गर्डर लांचिंग और भू- अधिग्रहण जैसे मुख्य समस्याओं का निराकरण हो चुका है। पुल में डामरीकरण और रिटर्निंग वाल का काम शेष हैं। अप्रैल माह तक काम पूरा कर लिया जाएगा।

एके जैन, मुख्य कार्यपालन अभियंता, सेतु निगम

Posted By: Nai Dunia News Network

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