रायगढ़ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले के सब्जी बाजार में बाहरी आवक के साथ ही लोकल उत्पादकों द्वारा भारी मात्रा में हरी सब्जियां आने से सब्जियों के दाम में काफी गिरावट आई है। यहां हरी सब्जियां 10-15 रुपये प्रतिकिलो की दर पर बिक रही है। पिछले सीजन में बेंगलुरु से आने वाला टमाटर 100 रुपये प्रतिकिलो की दर पर मिल रहा था लेकिन इस बार 25 से 30 रुपये प्रतिकिलो की दर पर उपलब्ध है। दूसरी ओर सब्जी के बंपर आवक से स्थानीय सब्जी उत्पादक किसानों को फसल की लागत निकालना मुश्किल हो गया है।

पिछले कुछ वर्षों से इस सीजन में सब्जियों के बढ़ते दाम के कारण लोगों का बजट बिगड़ जाता था। इस बार सब्जी उत्पादन के लिए अनुकूल मौसम होने से उत्पादन बंपर है और लोगों को कुछ हद तक राहत मिलने लगी है। लोग बाजार में सब्जियों की खरीदारी सामान्य रूप से कर रहे हैं।

फुटकर सब्जी विक्रेताओं के अनुसार सब्जियों का उत्पादन तो बढ़ गया है जबकि यहां खरीदार उतने ही हैं, इसके कारण सब्जियों की कीमतें पहले से कम हो गई है। पहले यहां भिंडी 30 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, यह इन दिनों 10 रुपये प्रतिकिलो बिक रही है। कद्दु 20 रुपए प्रति किलो था, यह 15 रुपये है। टमाटर पिछले साल इस मौसम में 80-90 रुपये प्रति किलो था। यह 25-30 रुपये बिक रहा है। 40 का बैगन 30, 30 का खीरा 15 -12 किलो तक बेची जा रही है। यहां यह बताना लाजमी होगा कि इसी वर्ष अप्रैल से लेकर जुलाई के प्रथम सप्ताह तक आसमान छू रहे सब्जियों के भाव सितंबर में आधे तक हो गए हैं। सब्जी विक्रेताओं की मुश्किल यह है कि सस्ते में ना बेचने पर ये रखी-रखी खराब भी हो सकती है। यही वजह है कि अत्यधिक नुकसान के बजाए कुछ ही राशि मिल जाए सोचकर बाजार में सब्जियों को मजबूरी वश बेच रहे है। फिलहाल रोज इस्तेमाल होने वाली हरी सब्जियों व टमाटर के दाम में गिरावट आने से लोग तो खुश है लेकिन किसानों को उनका लगात मेहनताना नही मिलने से परेशान है। सब्जियों के दाम कम होने की वजह शायद अधिक उत्पादन के साथ-साथ मौसम में परिवर्तन है।

बारिश थमी उत्पादन ज्यादा

क्षेत्र में मानसूनी बारिश इस बार कमजोर है। हालांकि जितनी बारिश हुई है, उसे सब्जी-बाड़ी के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। इस कारण सब्जियों का उत्पादन भी बेहतर है। सामान्यतः बारिश के दिनों में कम प्रकार की सब्जियां आती है। ज्यादा बारिश में सब्जियों की फसल के खराब होने की भी आशंका रहती है। इस बार ऐसी स्थिति नहीं होने के कारण भी बाजार में सब्जियों की आवक अन्य वर्षों की तुलना में कहीं अधिक है। इसे भी सब्जियों के दाम में कमी आने का प्रमुख वजह बताया जा रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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