रायगढ़ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। विश्व हिन्दू परिषद् के तत्वाधान में सर्व हिन्दू समाज ने बेटी बचाओ बेटी पढाओ (स्टेशन) चौक में कवर्धा मामले को लेकर धरना प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर महोदय को मुख्यमंत्री के नाम से ज्ञापन पत्र दिया। मंगलवार को सुबह से ही धरना स्थल पर हिन्दू संगठनों की हलचल शुरू हो गई थी जो देखते ही देखते दोपहर 1 बजे तक हजारों की भीड़ में बदल गई । इस धरना प्रदर्शन का आह्वाहन विश्व हिन्दू परिषद् ने एक दिन पूर्व प्रेस वार्ता कर किया था । धरने का समर्थन हिन्दू समाज के सभी वर्गों के साथ साधू संतों ने भी वहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर किया।

विहिप के कवर्धा इकाई के अनुशार दिनांक 3 अक्तूबर को माँ विंध्यवासिनी मंदिर के समीप लोहारा नाका चौक में भगवा ध्वज का नवीनीकरण किया गया था जिसके ऊपर विशेष समुदाय के लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई जिसको लेकर स्थानीय थानेदार तथा नायाब तहसीलदार के द्वारा दुर्गेश देवांगन को बुलाया एवं उक्त भगवा ध्वज को उतारने का दबाव बनाया। भगवा ध्वज को उतारने के पश्चात विशेष समुदाय के द्वारा दुर्गेश देवांगन के साथ मारपीट करते हुए हिन्दुओं के आस्था के प्रतिक ध्वज को फेंकना उस पर थूकना ओर रौंदने हुए हिन्दू समाज को अपमानित करने का कृत्य किया गया जिसके प्रतिकार स्वरुप 5 अक्तूबर को हिन्दू समाज के द्वारा उक्त घटना के विरोध में साकेतिक रैली निकाली गई जिसमें 3 हजार से अधिक हिन्दू समाज के लोग शामिल हुए थे जिस पर स्थानीय शाशन के द्वारा सभी पर निर्दयतापूर्वक लाठी चार्ज कराते हुए अनेक निर्दोष लोगों पर रिपोर्ट दर्ज किया गया। जिसको लेकर विश्व हिन्दू परिषद्, रायगढ़ के अगुआई में सर्व हिन्दू समाज के द्वारा आंदोलन किया गया।

आवेदन में रखे यह मांग

घटना की न्यायिक जांच की जाए और जिन्होंने दुर्गेश को पीटा उनकी पहचान कर दण्डित किया जाए, मामले निशर्त वापस लिए जाए। जिन अधिकारियों की विवेकहीनता के कारण बर्बर लाठी चार्ज हुआ और तीन हजार से अधिक लोगों को पीटा गया ऐसे कलेक्टर, एसपी, नायब तहसीलदा, थानेदार को तत्काल निलंबित कर लाठी चार्ज की न्यायिक जांच की जाए। कवर्धा एवं छत्तीसगढ़ प्रांत में अवैध रूप से रह रहे लगभग 6 लाख लोगों की पहचान कर उन्हें बाहर किया जाए । कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर के संरक्षण में नगर के ऐतिहासिक भोजली तालाब को मुस्लिम समाज द्वारा कब्जा कर लिया गया है उसे तत्काल मुक्त कराया जाए। कवर्धा करपात्री महाराज एवं कबीर पंथ के आचार्यों की कर्मस्थली रही है । पहली बार कवर्धा पर साम्प्रदायिक का कलंक लगा है जिसके मूल में मंत्री मोहम्मद अकबर उनके प्रिय पात्र एवं उनकी कार्यशैली है । छ. ग. प्रदेश तथा जिला कबीर धाम की खुशहाली के लिए छत्तीसगढ़ सरकार तुरंत ही मोहम्मद अकबर को मंत्री पद से हटायें तथा उनके विधानसभा की सदस्यता समाप्त की जाए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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