रायगढ़। पति की प्रताड़ना व ससुर द्वारा पीड़िता को घर से निकाल देने के बाद जीवन यापन के लिए भरण पोषण राशि नही देने से होने वाली परेशानियों से ग्रसित महिला ने अपने 2 वर्षीय मासूम बालिका व पिता साथ भूख हड़ताल में बैठ गई थी जिसे पुलिस ने समझाइश देकर उठाया।

पीड़िता मनीषा का कहना है कि उसकी शादी कुडुमकेला कोसमघाट निवासी विनोद पिता रामअवतार अग्रवाल के पुत्र शब्बु अग्रवाल के साथ सामाजिक रीति रिवाज से वर्ष 2015 में खरसिया के अग्रसेन भवन में संपन्न हुआ था। शादी के बाद पति के द्वारा शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना किया जाता रहा है।

इस दौरान एक बेटी हुई, उसके बाद पति शब्बु अग्रवाल का अन्य लड़कियों के साथ पिछले सालों से नाजायत संबंध होनें जानकारी मिली। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया तो शब्बु के पिता ने मनीषा को 12 फरवरी 2020 को उसके मायके में यह कहकर छोड़ दिया कि आपकी बेटी और आपकी पोती मेरे बेटे के साथ नही रहेगी।

इसी बीच वर्ष 2020 के 19 जून को पीड़िता ने थाने में प्रताड़ना की रिपोर्ट दर्ज कराया ततपश्चात पुलिस ने आईपीसी की धारा के तहत जुर्म दर्ज करते हुए कानूनी कार्यवाही को पूरा कर कोर्ट मे चालान भी पेश कर चुकी है। वही पीड़िता का यह भी कहना है कि मेरे पिता शारीरिक व आर्थिक रूप से कमजोर हैं और हम मां बेटी का भरण पोषण करने में असमर्थ हैं, न ही मेरे ससुरालवाले मेरे और मेरी बेटी का भरण पोषण का राशि जमा करा रहे हैं। जिससे की जीवन यापन करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इस वजह से सरिया अपने घर से घरघोड़ा आकर भुख हड़ताल में बैठ गई। बीच चौराहे पर भूख हड़ताल में बैठते ही पुलिस व स्थानीय लोगो मे चर्चा का विषय बन गया। क्योंकि थाने से चंद कदमो की दूरी पर ही जयस्तम्भ चौक है आनन फानन में घरघोड़ा टीआई दलबल के साथ मौके पर आए और उन्हें समझाईश दिए ततपश्चात महिला न अपना आंदोलन खत्म किया। और पुलिस ने राहत की सांस ली फिलहाल इस मामले में स्थानीय स्तर में चर्चाओं का दौर भी आरम्भ हो गया है।

जन चौपाल में कलेक्टर मांग चुकी है इच्छा मृत्यु

पीड़िता ने बताया कि वह बीते वर्ष नवंबर माह में कलेक्टर के जन चौपाल में जाकर न्याय की गुहार लगाते हुए इच्छा मृत्यु की मांग की थी। जस दौरान भी उसने भरण पोषण की मांग को रखते हुए अपने पारिवारिक स्थिति को रखा था, पीड़िता ने यह भी बताया कि वह गुरुवार को पुनः कलेक्टर के पास आकर न्याय की मांग करेगी।

इन्होंने कहा

जय स्तम्भ चौक में महिला अपनी बेटी व पिता के साथ धरने में बैठने की जानकारी मिली थी जिसे समझाईश दिया गया और आंदोलन बंद कराया गया है। महिला ने प्रताड़ना के सम्बंध में वर्ष 2020 में शिकायत भी दर्ज कराई थी, घरेलू हिंसा में जुर्म दर्ज कर कोर्ट में चालान भी पेश हो चुका है और यह मामला कोर्ट में विचाराधीन भी है।

अमित सिंह, घरघोड़ा टीआई

Posted By: Nai Dunia News Network

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