रायगढ़। Raigarh news: राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम अन्तर्गत विश्व दृष्टि दिवस का आयोजन 14 अक्टूबर 2021 को रायगढ़ सहित जिले के समस्त विकासखण्डों में किया जाएगा। इसी कड़ी में कार्यालय के आरोग्यम सभा कक्ष में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें कार्यालयीन स्टाफ सहित जिले के नेत्र सहायक अधिकारी एवं नेत्र सर्जन उपस्थित रहे।

कार्यशाला में सीएमएचओ डॉ एसएन केशरी ने बताया कि शरीर में किसी भी प्रकार के बीमारी होने पर उसका प्रभाव नेत्र पर पड़ता है आजकल कम्प्यूटर एवं मोबाईल का इस्तेमाल बच्चों के साथ-साथ समाज के हर उम्र दराज के व्यक्तियों द्वारा किया जा रहा है, जिससे उनके ऑखो में दृष्टि दोष देखने को मिलता है। डॉ.केशरी ने कहा कि जिले के समस्त माध्यमिक शालाओं में अध्ययनरत समस्त छात्र-छात्राओं का अनिवार्य रूप से नेत्र परीक्षण करायें और दृष्टि दोष के बच्चों को नि:शुल्क चश्मा उपलब्ध करावें ताकि उन्हें एम्बलायोपिया से बचाया जा सके।

कार्यक्रम में उपस्थित डॉ. मीना पटेल नोडल अधिकारी अंधत्व द्वारा बतलाया गया कि वर्ष 2021-22 में विश्व दृष्टि दिवस के विषय (थीम) लव यूअर आई पर जानकारी देते हुये बतलाया गया कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन सुबह उठकर एवं रात को सोते समय ऑख एवं ऑख के चारों ओर त्वचा को साफ पानी से धोएं, चेहरे को पोंछने के लिए साफ और अपना अलग तौलिया इस्तेमाल करें, धूप और तेज रोशनी से ऑखों को बचायें, अच्छे किस्म के चश्में का उपयोग करें, ऑखों को दुर्घटना से बचाएं जैसे आतिशबाजी, तीर-कमान, गुल्ली-डंडा खेलते सयम सावधानी बरतें, आंखों में कुछ गिरे तो ऑख को मलियें नहीं एवं काफी मात्रा में साफ पानी से ऑख धोकर बाहरी कण को बाहर निकाल दें, पुस्तक को आंखों से डेढ़ फीट की दूरी पर रखकर पढ़ें। चलती बस में, लेटे हुए, बहुत कम प्रकाश में कभी न पढ़ें, इससे आंखो पर जोर पड़ता है।

ऑखों में अच्छी रोशनी हेतु विटामिन ए युक्त भोज्य पदार्थ जैसे-पालक, गाजर, पपीता, आम, दूध, मछली एवं अंडे का सेवन करें। ऑखो का इलाज स्वयं न करें। नीम-हकीमों या बाजारों पर ऑखों की दवा-सुरमा बेचने वालों की दवा कभी प्रयोग न करें, ऑखों की तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें, स्कूल के पूर्व विद्यार्थियों का एवं समय-समय पर ऑखों का परीक्षण करवाएं, ऑखों की जांच मेडिकल कॉलेज एवं सभी जिला चिकित्सालयों में नेत्र विशेषज्ञ एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में नेत्र सहायकों द्वारा नेत्रों का नि:शुल्क जांच एवं उपचार किया जाता है। 40 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को मोतियाबिंद की जांच नजदीक के स्वास्थ्य केन्द्र व जिला चिकित्सालय में कराते रहना चाहिए जहां मोतियाबिंद की नि शुल्क उपचार एवं ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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