रायगढ़। नवगठित सारंगढ़ जिला मुख्यालय स्थित रियासतकालीन राजमहल गिरिविलास पैलेस में शनिवार की रात राजमहल के परंपरागत ध्वज को उतारकर भगवा ध्वज लगाने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। युवक की पहचान सोनू सारथी के रूप में की गई है। वह सारंगढ़ फुलझारियापारा निवासी है। पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है। मामले में पूर्व सांसद पुष्पा देवी सिंह की ओर से डा परिवेश मिश्रा ने महल में लगे राज्य ध्वज की चोरी होने और उसकी जगह भगवा झंडा लगाने की सारंगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

गौरतलब है कि अब तक राजमहल में उनका परंपरागत झंडा लहराता रहा है। परंपरगत झंडे को हटाकर हटाकर यहां भगवा ध्वज लहरा देने से एक नया विवाद शुरू हो गया है। पहले आसपास के लोगों से पूछताछ की गई लेकिन ठीक ठीक जानकारी नहीं मिलने पर बाद इसकी शिकायत थाने में लिखवाई गई। बहरहाल पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है।

सारंगढ़ राजमहल शुरुआती दौर से ही कट्टर कांग्रेसी परिवार का ठिकाना रहा है। यहां के राजा नरेश सिंह संयुक्त मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। इसके अलावा उनकी बेटी पुष्पा देवी सिंह रायगढ़ लोकसभा से कांग्रेस की टिकट पर सांसद रह चुकी हैं। राजमहल में हुई इस घटना से लोग भौंचक हैं कि आखिर महल के सुरक्षा में सेंध लगते हुए कोई कैसे अंदर तक जाकर भगवा ध्वज फरहा सकता है। इससे बड़ा सवाल कि ऐसा क्यों किया गया है। अब इसके पीछे की राजनीतिक विद्वेष की भावना को भी हवा दिया जाने लगा है। बहरहाल पुलिस ने मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है।

छत्तीसगढ़ में सबसे पुराने कांग्रेसी परिवार

जानकारों के अनुसार सारंगढ़ का राजपरिवार छत्तीसगढ़ में सबसे पुरानी कांग्रेसी परिवार है। इसके संबंध मोतीलाल नेहरू के समय से कांग्रेस से है। जवाहिर सिंह ने मोतीलाल नेहरू के बेटी शादी में शिरकत की थी। इस परिवार की कमला देवी सिंह मंत्री रह चुकी हैं।महल में आदिवासी परंपरा के अनुसार उनका झंडा पांचवे माले पर लगा हुआ था। जिसे शनिवार की रात उतारकर उसके स्थान पर भगवा ध्वज किसी ने लगा दिया है। राजमहल परिवार का कांग्रेस पार्टी से पुराना नाता है साथ ही सारंगढ़ राजमहल गिरीविलास पैलेस के उपर लगे झण्डे को आदिवासियों का प्रतीक माना जाता है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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