आकाश शुक्ला, रायपुर। Corona Impact: कोरोना से स्वस्थ होने के बाद लोगों को अब लाइफ स्टाइल बीमारियां घेरने लगी हैं। पोस्ट कोविड के बाद स्वास्थ्यगत समस्याएं लेकर पहुंचने वाले 10 फीसद से अधिक लोगों में शुगर की समस्या उभरकर सामने आ रही है। चिकित्सकों के मुताबिक, आंबेडकर अस्पताल के मेडिसिन विभाग में महीने में 600 से अधिक पोस्ट कोविड के मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें लगभग 60 से अधिक मरीजों में शुगर की समस्याएं देखी जा रही है।

आयुर्वेद अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि ओपीडी में हर माह 250 से अधिक पोस्ट कोविड के मरीजों में लगभग आठ से 10 फीसद लोगों में शुगर पाया गया है। जिला अस्पताल रायपुर में पोस्ट कोविड के मरीजों में शुगर की स्थिति लगभग ऐसी ही रही है। चिकित्सकों ने बताया कि कोविड के बाद सांस, कमजोरी, बाल झड़ना, मानसिक अवसाद, हड्डियों व मांसपेशियों, फेफड़ों, पाचतंत्र आदि की समस्याएं ज्यादातर देखी जा रही है। जांच के दौरान मरीजों में शुगर की पहचान हो रही।

समस्या की वजह

आंबेडकर अस्पताल के मेडिसिन विशेषज्ञ प्रो. डा. आरएल खरे ने बताया कि कोरोना वायरस अग्नाशय (पैंक्रियाज) पर असर डालने की वजह से इंसुलिन बनाने की क्षमता को प्रभावित करता है। स्टेरायड अधिक मात्रा में देना भी एक कारण हो सकता है। कई मरीजों में शुगर पहले से रहा हो या बार्डर पर थे, जो कोरोना इंफेक्ट की वजह से बढ़ गए।

16 लाख के सर्वे में हर पांचवें को शुगर व बीपी

नेशनल हेल्थ के सर्वे में प्रदेश में 15.53 लाख सामान्य लोगों में जांच की गई। इसमें से 1.66 लाख से अधिक शुगर के मरीज मिले। वहीं 1.63 लाख से अधिक ब्लड प्रेशर के मरीजों की पहचान पिछले एक वर्ष में की गई। डा. आरएल खरे के मुताबिक देश में 30 फीसद मरीज इस बीमारी के शिकार हैं।

शरीर में शुगर की स्थिति (मिली ग्राम पर डेसी लीटर)

1. सामान्य लोगों में शुगर

-70 से 100 खाली पेट

-100 से 140 खाने के बाद

2. शुगर के मरीज

-200 से अधिक किसी भी समय हो तो शुगर

-140 से 200 के बीच यानी शुगर के बार्डर पर

-70 से नीचे लो शुगर

आंबेडकर अस्पताल की ओपीडी में हर दिन औसत मरीज

विभाग - ओपीडी - पोस्ट कोविड मरीज

मेडिसिन - 450-500 - 20-25

छाती रोग - 50-60 - 10-12

मनोचिकित्सा विभाग - 40-60 - 10-12

चर्म रोग विभाग - 180-200 - 5-7

हड्डी रोग विभाग - 140-150 - 8-10

नेत्र रोग विभाग - 150-160 - 5-7

वर्जन

ओपीडी में आने वाले पोस्ट कोविड के लगभग 10 फीसद मरीजों में डायबिटीज सामने आ रही है। मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। समस्या को देखते हमनें इसे लेकर शोध की रूपरेखा तैयार की है।

- प्रो. डा. आरएल खरे, मेडिसिन विशेषज्ञ, आंबेडकर अस्पताल

पोस्ट काेविड इफेक्ट की वजह से शुगर के मरीज बढ़े हैं। ओपीडी में ऐसे मरीज लगातार मिल रहे हैं। संक्रमण से शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचता है। इसके ही इफेक्ट नजर आ रहे हैं। मूल कारण है क्या यह सामने नहीं आया है।

- प्रो. डा. अरुणा ओझा, (विभागाध्यक्ष) काय चिकित्सा, आयुर्वेद कालेज रायपुर

Posted By: Shashank.bajpai

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