रायपुर। Road Safety: गोल्डन आवर यानी सड़क दुर्घटना के बाद एक घंटे का समय। इस अवधि में यदि किसी क्षतिग्रस्त व्यक्ति को ट्रामा सेंटर या फिर सर्वसुविधायुक्त अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो उसकी जान बचने की उम्मीद बढ़ जाती है। इसे देखते हुए अब शहर में ट्रामा सेंटरों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इसके तहत छत्‍तीसगढ़ में 12 नए ट्रामा स्टेबलाइजेशन सेंटर बनवाए जा रहे हैं, जिनमें जिला अस्पतालों को ही अपग्रेड कर स्टेबलाइजेशन सेंटर्स के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं तेलीबांधा में लोगों को सुगम यातायात की सुविधा देने के लिए 200 करोड़ रुपये की लागत से वाय सेप ओवरब्रिज का निर्माण करवाया जाएगा। इसका ड्राइंग डिजाइन बनाकर शासन को भेज दिया गया है, जिसके लिए कार्ययोजना तैयार की जा चुकी है और जल्द ही निर्माण शुरू करवाया जाएगा।

स्टेबलाइजेशन सेंटर्स को नेशनल हेल्थ मिशन से स्वीकृति

ट्रामा स्टेबलाइजेशन सेंटर्स के लिए नेशनल हेल्थ मिशन से स्वीकृति दी जा चुकी है, जिसके आधार पर इनका निर्माण करवाया जा रहा है। इसके लिए ट्रैफिक विभाग द्वारा ही स्वास्थ्य विभाग से एप्रोच किया था और सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान बचाने के लिए व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए योजना बनाई थी। जिस पर काम शुरू हो गया है।

ओवरब्रिज के ऊपर रहेगी सिक्स लेन

ओवरब्रिज के ऊपर सिक्स लेन बनाई जाएगी, जिसमें तीन आने और तीन जाने के लिए रहेगी। दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव की तरफ जाने वाले तथा हावड़ा की तरफ से आने वाले वाहन सीधे निकल जाएंगे। वहीं, शहर में आने वाली गाड़ियां ब्रिज के ऊपर से सीधे तेलीबांधा थाने के सामने उतरेंगी। एयरपोर्ट की तरफ जाने वाले वाहन ओवरब्रिज के नीचे से निकल जाएंगे।

शाम को वाहनों का रहता है दबाव

यातायात विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तेलीबांधा चौक पर शाम चार बजे से रात आठ बजे तक गाड़ियों का काफी दबाव रहता है। चार घंटे में ही करीब डेढ़ लाख वाहनों का दबाव रहता है। यातायात व्यवस्था को संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। यातायात विभाग भी यहां ओवरब्रिज के निर्माण के लिए कई बार मांग कर चुका है।

नेशनल हेल्थ मिशन के संचालक भोस्कर विलास संदीपान ने कहा, जिला अस्पतालों को ही ट्रामा स्टेबलाइजेशन सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही काम पूरा कर लोगों को सर्वसुविधायुक्त केंद्र दिया जाएगा।

रायपुर पीएचक्यू एआइजी (ट्रैफिक) के संजय शर्मा ने कहा, गोल्डन आवर में सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को उच्च स्तरीय इलाज की सुविधा देने के लिए ट्रामा स्टेबलाइजेशन सेंटर्स बनाने का काम स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहा है। इससे काफी हद तक राहत मिलेगी।

फैक्ट फाइल

- 200 करोड़ की लागत से बनेगा ओवरब्रिज।

- ओवरब्रिज की लंबाई 1,500 मीटर, चौड़ाई 22 मीटर।

- एक दिन में गुजरते हैं ढाई लाख से अधिक वाहनं

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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