रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

रायपुर से 13 दिन पहले अगवा किए गए उद्योगपति प्रवीण सोमानी को रायपुर, बिहार और उत्तर प्रदेश पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर उत्तर प्रदेश के फैजाबाद-सुल्तानपुर के बीच अंबेडकर नगर जिले के जमुनी गांव की एक झोपड़ी से सकुशल बरामद कर लिया। अपहरण में शामिल लोकल मददगार दोंदेखुर्द के अनिल चौधरी और गंजाम ओडिशा के मुन्नाा नाहक को गिरफ्तार कर लिया गया है। मास्टर माइंड पप्पू चौधरी समेत आठ अन्य बदमाशों की तलाश में टीमें लगी हैं। बुधवार देर रात को एसएसपी आरिफ शेख समेत अन्य अफसर सोमानी को फ्लाइट से रायपुर लेकर पहुंचे।

रात में ही पुलिस कंट्रोल रूम में डीजीपी डीएम अवस्थी ने सोमानी अपहरणकांड का पटाक्षेप करते हुए पत्रकारों को बताया कि तीन महीने तक रेकी करने के बाद प्रवीण का अपहरण बिहार के कुख्यात गैंगस्टर चंदन सोनार गिरोह से जुड़े पप्पू चौधरी ने अलग गिरोह बनाकर की थी। प्रवीण से ईडी का अफसर बताकर पप्पू और उसके सहयोगी मिले थे। सिलतरा स्थित सोमानी प्रोसेसर कंपनी से घर जाने के लिए प्रवीण कार से निकले तब सारडा एनर्जी से 200 मीटर आगे दो अलग-अलग कार में सवार गिरोह के आठ सदस्यों ने रोक कर सोमानी को अपनी कार में बैठा लिया। फिर उनकी कार को रामकुटीर परसुलीडीह स्थित पार्टनर के ऑफिस के पास पार्क करके सिमगा होते मंडला, कटनी, इलाहाबाद होते अंबेडकर नगर पहुंचे। वहां एक झोपड़ी में रखकर मास्टर माइंड पप्पू चौधरी वैशाली जिले के बैदुपर चला गया।

चार दिन बाद मांगी फिरौती

सोमानी को अगवा करने के चार दिन बाद पुलिस को चकमा देने के लिए गिरोह के लोग बिहार, हरियाणा से परिजनों को फोन करके 50 करोड़ की फिरौती की मांग शुरू कर की। पांचवें दिन पुलिस को गिरोह का सुराग मिला, जिसके आधार पर पुलिस की पांच टीमों को बिहार, हरियाणा, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश भेजा गया। एक जगह पुलिस पहुंच भी गई थी, जहां प्रवीण के होने की पुख्ता जानकारी मिली थी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही अपहरणकर्ताओं ने प्रवीण के साथ ठिकाना बदल दिया था।

Posted By: Nai Dunia News Network

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