अनूप श्रीवास्तव, भिलाई। Raipur News : जिले में पालतू मवेशियों एवं अवारा मवेशियों के स्वास्थ्य सुविधा के लिए 15 वेटनरी अस्पताल संचालित हैं। विडंबना है कि इनमें से किसी भी अस्पताल में आपात कालीन सुविधा नहीं है। जबकि जिले का विस्तार इतना है कि यहां पर चार नगर निगम, तीन नगर पालिका और तीन नगर पंचायत हैं। इसके अलावा दर्जनों ग्राम पंचायत हैं और सभी जगह सैकड़ों पशु पालक हैं। आपात स्थिति में उन्हें किसी भी अस्पताल में त्वरित स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलती है। जिला प्रशासन पशुओं की तकलीफ को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहा है।

बता दें कि जिले में कुल 15 वेटनरी अस्पताल हैं। इसमें भिलाई, भिलाई तीन, कुम्हारी, अहिवारा, धमधा, बोरी, नगपुरा, झीट, पाटन, जामगांव आर, तिरगा, दुर्ग, अंजोरा आदि जगहों पर सरकार द्वारा मवेशी पालकों के लिए निश्शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्रदेश सरकार पशुपालकों की आय दोगुना करने के लिए प्रयासरत है, इसके लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू कर रखी हैं, जिससे पशुपालक लाभांवित हो रहे हैं।

मगर, इसकी विडंबना है कि इन सभी अस्पतालों में आपातकालीन सुविधा नहीं होने से मवेशियों के इलाज के लिए पालकों को भटकना पड़ रहा है। गोकुलधाम निवासी पशु पालक लल्लन यादव, दिनेश यादव, अतुल शर्मा समेत अन्य पालकों ने बताया कि आपात कालीन सुविधा नहीं होने से मवेशियों का इलाज समय पर इलाज नहीं होने से जान तक चली जा रही है।

कुम्हारी से लेकर दुर्ग शहर और ग्रामीण अंचल में आए दिन में मवेशी घायल या अन्य बीमारी की स्थिति में समय पर इलाज नहीं पा रहे हैं। इसके चलते पालकों को इलाज के लिए रात्रि बीतने का इंतजार करना पड़ता है। जबकि दुर्ग एवं भिलाई वेटनरी अस्पताल के खुलने का समय सुबह आठ से 11 और शाम को चार से पांच बजे तक ही निर्धारित किया गया है। इसके बाद आने वालों के इलाज के लिए कोई सुविधा नही है।

इस मामले में उप संचालक दुर्ग डा. एमके चावला ने बताया कि जिले में कुल 15 वेटनरी अस्पताल हैं। यहां पर मवेशियों का निश्शुल्क इलाज किया जाता है। हालांकि, आपात कालीन सुविधा नहीं है। मगर, आवश्यकता पड़ने चिकित्सक पहुंचकर इलाज करते हैं।

वेटनरी अस्टिेंट सर्जन सुपेला भिलाई डा. संजीव कुमार सिरमौर ने कहा कि सुबह आठ बजे से अस्पताल खुला रहता है। उस समय सभी का इलाज निश्शुल्क किया जाता है, लेकिन आपात कालीन सुविधा नहीं होने से दिक्कतें हो रही है। पालकों के फोन करने पर जाकर इलाज किया जाता है।

Posted By: Shashank.bajpai

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