रायपुर (राज्य ब्यूरो)। आनलाइन पारदर्शी स्थानांतरण कराने की नीति बनाकर स्कूल शि विभाग ने शिक्षकों से आवेदन तो मंगाए पर अब आगे की प्रक्रिया रोक दी है। विभाग ने आवेदन के लिए सीजीस्कूल डाट इन वेबपोर्टल बनाया है। इस पोर्टल पर अभी की स्थिति में करीब 19 हजार शिक्षकों ने आवेदन कर रखा है और अब आगे की प्रक्रिया नहीं होने से शिक्षक दफ्तरों में चक्कर लगाने के लिए मजबूर हो गए हैं।

शिक्षकों का आरोप है कि जिनकी पहुंच है, उनका स्थानांतरण भी हो रहा है, पर शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद भी जरूरतमंद शिक्षकों के आवेदनों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इन आवेदनों को वेबपोर्टल पर ही लाक कर दिया गया है। शिक्षकों का कहना है कि विभाग ने अब आनलाइन स्थानांतरण करने से मुंह मोड़ लिया है। विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इस पोर्टल में किए गए आवेदनों से कब तक स्थानांतरण होगा, बताने की स्थिति में नहीं है। अफसरों का तर्क है कि अभी स्थानांतरण पर प्रतिबंध लगा हुआ है। सरकार की अनुमति मिलने के बाद ही कुछ हो पाएगा।

दो वर्ष से लगा हुआ है प्रतिबंध

कोरोना व अन्य कारणों से दो वर्ष से शिक्षकों का स्थानांतरण नहीं हुआ है। इससे गंभीर बीमारी वाले शिक्षक, पति-पत्नी प्रकरण, आपसी स्थानांतरण, दिव्यांग, विधवा, परित्यक्ता और वृद्ध माता-पिता के प्रकरण वाले शिक्षक परेशान हैं। कई शिक्षकों ने अपने आवेदन में लिखा है कि वे अपने बुजुर्ग माता-पिता की सेवा नहीं कर पा रहे हैं। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने राज्य सरकार से जल्द ही स्थानांतरण नीति जारी करने की मांग है।

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पहली बार आनलाइन मंगाए आवेदन

स्थानांतरण को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे स्कूल शिक्षा विभाग के अफसरों ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी करने का दावा किया था। इसके लिए समस्त स्थानांतरण एनआइसी की ओर से बनाई गई वेबसाइट के माध्यम से करने के लिए विकल्प भी दिया था। फरवरी से ही इस वेबपोर्टल को खोल दिया गया था। जरूरतमंद शिक्षकों ने स्थानांतरण के लिए साइबर कैफे में जाकर आवेदन किया। ज्यादातर जिला शिक्षा अधिकारियों ने आनलाइन स्थानांतरण के लिए अनुशंसा भी कर दी है। इसके बाद भी मामला संचालनालय और सचिवालय स्तर पर अटक गया है।

लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक लोक शिक्षण संचालनालय ने कहा, आवेदन एक प्रक्रिया के तहत मंगाए गए थे। अभी तक राज्य सरकार की ओर से स्थानांतरण नीति जारी नहीं हुई है। इसलिए स्थानांतरण नहीं हो पा रहा है।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा, स्थानांतरण को पारदर्शी बनाने के लिए आनलाइन आवेदन मंगाए गए और अब शिक्षक परेशान हैं। राज्य सरकार को स्थानांतरण नीति जल्द से जल्द जारी करना चाहिए ताकि शिक्षकों को असुविधा न हो।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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