रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)

स्मार्ट सिटी बनने की दौड़ में शामिल राजधानी रायपुर में 15 सालों में 36 हजार किलोमीटर लंबी नाली निर्माण के नाम पर 300 करोड़ रुपये नगर निगम ने फूंके। नालियों की संरचना इस कदर है कि पानी बहने के बजाय ठहर जाता है। यह हाल शहर के सभी 70 वार्डों के अधिकांश इलाकों की नालियों का है। कई जगह नालियां धवस्त हैं, तलहटी उबड़-खाबड़ है। ऐसे में बारिश ही नहीं, बल्कि समान्य दिनों में भी नालियों का पानी ओवरफ्लो होता है। नालियां जाम होने से मलेरिया, डेंगू के मच्छर पनपते हैं। नालियों की मरम्मत पर हर साल 25 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। काम का ठेका संबंधित वार्डों के पार्षद ही करते हैं।

बता दें कि नालियों के निर्माण में मनमाने सभी 8 जोन में काम चली। नाली निर्माण के पूर्व नगर निगम के तकनीकी विभाग ने इलाकों के हिसाब से लेआउट दिया था। इसके बाद भी वार्डों की भौगोलिक स्थिति के हिसाब से नालियों की संरचना पर ध्यान नहीं दिया गया, करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा दिये गए।

--कागजों पर भौतिक सत्यापन, खूब चली निर्माण में मनमर्जी

धरातल पर नालियों की बिगड़ी संचरना का भौतिक सत्यापन करने में अफसरों ने लापरवाही बरती। निर्माण कार्य की फोटो आदि लगाकर संबंधित फर्म को फंड जारी कर दिया गया। चौंकाने वाली बात है कि संबंधित वार्ड के पार्षदों और अधिकारियों ने निर्माण पूर्ण और सही होने का उपयोगिता प्रमाण पत्र भी फर्म को दे दिए।

-हर साल संधारण पर लाखों खर्च

हर साल नाली संधारण के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने का प्रावधान बजट में है। हर वर्ष 20 से 25 लाख रुपये नाली मरम्मत के नाम पर खर्च किया जाता है।

--यहां गड़बड़ी

सेजबहार, सड्डू, कबीर नगर, समता कॉलोनी, कोटा, गुढ़ियारी, श्रीनगर, शंकर नगर, पुरानी बस्ती, भाठागांव, लाखे नगर, ईदगाह, बूढ़ातालाब, डीडी नगर, प्रोफेसर कॉलोनी, हिमालयन हाइट्स सहित अन्य इलाकों में नाली निर्माण में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है।

-इन बिंदुओं पर नहीं दिया ध्यान

वार्डों की भौगोलिक स्थिति का सर्वे नहीं

नालियों के लेवल पर ध्यान नहीं

घरों से पानी के फ्लो का परीक्षण नहीं

नालियों की खुदाई, ढलाई पर ध्यान नहीं

केस-1

गंजपारा मंडी क्षेत्र की नालियां ही ध्वस्त

गंजपारा मंडी क्षेत्र में नालियों के गुणवत्ताहीन निमर्ााण होने के चलते नालियों का वजूद ही खत्म हो गया है। पानी का ठहराव इस कदर है कि सामान्य दिनों में यहां ओवरफ्लो की स्थिति बनी रहती है।

-केस-2

रामसागर पारा में बिजली खंभा गाड़े

रामासागर पारा में बिजली खंभे के चलते पानी का बहाव ही बंद है। नाली बनाते समय बिजली खंभे के बगल से नाली का निर्माण नहीं किया गया।

केस-3

राजभवन चौक के पास भी नाली ओवरफ्लो

कॉलोनियों को छोड़ दें, राजभवन चौक के पास भी नालियों के निर्माण में मानकों की अनदेखी हुई है। थोड़ी सी भी बारिश में यहां सड़क किनारे नाली ओवरफ्लो हो जाती है।

---वर्जन---

निर्माण जो पूर्व में हुए हैं, उन्हें तो सुधारने पर ज्यादा खर्च आएगा। कोशिश होगी, अब निर्माण अच्छे तरीके से हो। अगर कहीं गड़बड़ी मिली तो इसकी जांच कराएंगे।

सौरभ कुमार, आयुक्त, नगर निगम

वर्जन--

कार्य योजना बनाएंगे। जहां ज्यादा दिक्कत है, वहां नालियों का निर्माण ढलानयुक्त कराएंगे। इसके लिए बजट में प्रावधान किए जाएंगे। -एजाज ढेबर, महापौर

Posted By: Nai Dunia News Network

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