रायपुर/ सुकमा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। Anti Naxal Operation: पूना नर्कोम अभियान (नई सुबह नई शुरूआत) का बड़ा असर। नक्सली संगठन से जुड़े पांच थानों के अंतर्गत आने वाले 10 गावों के 43 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। सभी नक्सल संगठन छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने के लिए एसपी ऑफिस में पहुंचे और उन्होंने एसपी सुनील शर्मा के समक्ष सरेंडर किया। पुलिस ने बताया कि नक्सलियों में महिलाएं भी शामिल हैं।

सभी नक्सलियों के खिलाफ वारंट जारी किया गया था और विभिन्न मामलों में पुलिस सभी की तलाश कर रही थी। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में एक लाख का इनामी नक्सली भी शामिल बताया जा रहा है। एसपी सुनील शर्मा ने बताया कि सभी सरेंडर करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास नीति का लाभ दिया जाएगा।

बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय जहां दोपहर को करीब 10 गांवों के 43 लोग जो नक्सल संगठन में पिछले कई सालों से काम कर रहे है और उनके खिलाफ वारंट जारी है वो लोग आत्मसमर्पण करने पहुंचे थे। जहां एसपी सुनील शर्मा, एएसपी ओम चंदेल व सीआरपीएफ अधिकारी की मौजूदगी में आत्मसमर्पण किया।

जहां सरेंडर नक्सलियों ने माओवादी संगठन पर शोषण, अत्याचार व भेदभाव का आरोप लगाया। साथ ही शासन की पुनर्वास नीति योजना का लाभ लेने की बात कहते हुए सरेंडर किया। जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने उन नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि दी और पुनवार्स नीति का लाभ देने की बात कही। इस दौरान अजीत कुमार, श्रीमति श्वेता राणा, नवीन राणा, रजत नाग, परमेश्वर तिलक समेत पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

25 गांवों के करीब 176 नक्सली कर चुके सरेंडर

जिला पुलिस प्रशासन के द्वारा पूना नर्कोम अभियान की शुरूआत 9 अगस्त को की गई थी। जिसके बाद इस अभियान के तहत जिले के अंदरूनी इलाकों में आपरेशन चलाए गए जिसमें काफी हद तक सफलता मिली उसके बाद पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार रोजगार के लिए शिविरों का आयोजन किया गया जिसमें हजारों युवाओं ने भाग लिया। वही अंदरूनी गांवों में जाकर पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत व स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जिसके कारण प्रभावित होकर 25 गांवों के करीब 176 नक्सलियों ने अब तक सरेंडर कर मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं।

सरेंडर नक्सलियों के साथ नीचे बैठकर एसपी ने किया भोजन

ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने व पुलिस पर विश्वास दिलाने के लिए पुलिस अधिकारी हमेशा प्रयास करते रहे है। ऐसा ही वाक्या उस वक्त देखने को मिला जब सरेंडर नक्सलियों के साथ एसपी सुनील शर्मा व एएसपी ओम चंदेल खाना खाने के लिए नीचे बैठ गए और उनसे खाना खाते वक्त चर्चा की और शासन की योजनाओ ंव पुलिस प्रशासन पर भरोसा रखने की बात कही।

एसपी सुकमा सुनील शर्मा ने कहा कि पूना नर्कोम अभियान के तहत पिछले कई दिनों से जिले के अंदरूनी इलाकों में पुलिस अधिकारी व जवान ग्रामीणों की बैठके ले रहे हैं। उन्हे शासन की योजनाओं व नक्सलियों की खोखली विचारधारा के बारे में बता रहे हैं, जिसके चलते आज करीब 10 गांवों के 43 नक्सली सरेंडर करने पहुंचे हैं।

धीरे-धीरे विकास कार्यों के तहत सड़कें अंदरूनी इलाकों में पहुंच रही है, ठीक वैसे-वैसे लोगो में जागरूकता आ रही है। आने वाले दिनों में और भी नक्सली सरेंडर करने आएंगे। मैं आपके माध्यम से सभी नक्सलियों से अपील करना चाहूंगा कि हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा से जुड़े और समाजहित में कार्यों करें।

Posted By: Shashank.bajpai

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