रायपुर। Janta Congress Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ की सियासत में नए समीकरणों की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की मृत्यु के बाद उनकी पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जकांछ) के कांग्रेस में विलय की खबरें राजनीतिक गलियारों में तैर रही हैं। चर्चा है कि प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया अगले कुछ दिन में छत्तीसगढ़ आएंगे और जकांछ का कांग्रेस में विलय हो जाएगा। हालांकि इन चर्चाओं की कोई भी कांग्रेस नेता पुष्टि करने को तैयार नहीं है। खुद प्रदेश प्रभारी पुनिया ने इन खबरों को निराधार बताया है, लेकिन सत्ता के गलियारे से लेकर सत्ताधारी दल के दफ्तर तक हलचल तेज है।

कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार पूर्व सीएम जोगी की तबीयत खराब होने के बाद उनके करीबी नेताओं ने जोगी समेत पूरी पार्टी का विलय कांग्रेस में करने का प्रस्ताव कांग्रेस आलाकमान से संपर्क कर दिया था। इस पर कोई निर्णय होता, उससे पहले ही अजीत जोगी की मृत्यु हो गई। इसी चर्चा के आधार पर कहा जा रहा है कि जकांछ के चारों विधायकों और पार्टी का कांग्रेस में विलय हो जाएगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी नेताओं की मानें तो जकांछ का विलय इतनी आसानी से नहीं हो सकता है। यह समय किसी पार्टी के विलय का भी नहीं है। प्रदेश में भारी बहुमत के बाद चार विधायकों को शामिल करना और उनको पद देना चुनौतीपूर्ण और विवादास्पद काम है।

ऐसे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तरफ से विलय पर सहमति का सवाल ही नहीं उठता। हालांकि उन नेताओं ने यह भी कहा कि अगर आलाकमान की तरफ से निर्देश आता है, तो उसे स्वीकार करना ही पड़ेगा। कांग्रेस का एक गुट यह कह रहा है कि लोकसभा चुनाव में जकांछ विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में काम किया था। जकांछ के पांच विधायकों में जोगी की मृत्यु के बाद अब चार विधायक बचे हैं।

चर्चा है कि देवव्रत सिंह और प्रमोद शर्मा कांग्रेस के साथ आ सकते हैं। पूर्व सीएम की पत्नी डॉ. रेणु जोगी का केंद्रीय नेतृत्व और सोनिया गांधी के साथ बेहतर तालमेल है। इसके अलावा सिर्फ धर्मजीत सिंह और अमित जोगी के नाम पर मतभेद हो सकता है।

अभी कोई प्रस्ताव नहीं, विलय संभव नहीं: पुनिया

जकांछ के विलय के सवाल पर प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा कि अभी न तो इस पर कोई प्रस्ताव आया है, न ही कोई विचार हुआ है। जकांछ के विलय का कोई सवाल ही नहीं उठता है। हमारे पास सख्या बल ज्यादा है, किसी अन्य की जरूरत नहीं है। कई वरिष्ठ नेता मंत्री नहीं बन पाए, ऐसे में किसी अन्य दल के लोगों को शामिल कराकर मंत्री बनाने का सवाल नहीं उठता है। अगले सप्ताह रायपुर के दो दिवसीय प्रवास पर आ रहा हूं।

जोगी की वापसी का सीएम-सिंहदेव करते रहे हैं विरोध

पूर्व सीएम जोगी की कांग्रेस में वापसी का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मंत्री टीएस सिंहदेव लगातार विरोध करते रहे हैं। विपक्ष में रहने के दौरान बघेल-सिंहदेव की जोडी के कारण ही जोगी को कांग्रेस छोड़नी पड़ी और जकांछ का गठन करना पड़ा। विधानसभा चुनाव के बाद भी जोगी की वापसी की चर्चा हुई, उस समय सिंहदेव ने कहा कि अगर जोगी पार्टी ने आते हैं, तो वह राजनीति से सन्यास ले लेंगे।

23 जून 2016 को हुआ था गठन

कांग्रेस से अलग हुए पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने 23 जून 2016 को जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) का गठन किया था। पार्टी की तरफ से दावा किया गया कि यह छत्तीसगढ़ की एक मात्र क्षेत्रीय पार्टी है जिसने आजादी के बाद से संयुक्त आविभाजित मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीय दल की मान्यता हासिल की है।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

जीतेगा भारत हारेगा कोरोना
जीतेगा भारत हारेगा कोरोना