Coronavirus in Raipur : रायपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। किडनी की बीमारी से जूझ रही 67 वर्षीय महिला ने 45 दिनों में कोरोना से जंग जीत ली। इसे कोरोना के साथ अन्य गंभीर बीमारी से ग्रसित रोगी की सफलता का अनूठा केस माना जा रहा है। एम्स प्रबंधन ने बताया कि महिला 10 साल से किडनी की समस्या से जूझ रही है। मुंबई के एक अस्पताल में चार वर्षों से डायलिसिस करा रही थी। तीन माह पूर्व जब उन्होंने नियमित डायलिसिस के लिए उक्त अस्पताल में संपर्क किया तो कोरोना अस्पताल बनने की वजह से उन्हें इलाज नहीं मिला। नागपुर पहुंचे तो वहां भी निराशा ही हाथ लगी।

कोरोना संक्रमण के बीच एम्स रायपुर पहुंचने पर चिकित्सकों ने उनकी डायलिसिस कर इलाज करने का निर्णय लिया। इससे पहले हुए कोरोना टेस्ट में महिला सहित परिवार पॉजीटिव पाया गया। महिला एम्स में भर्ती हुईं, जबकि परिवार को दूसरे अस्पताल में भर्ती किया गया। मनोवैज्ञानिक चुनौती झेल रही गंभीर रूप से बीमार महिला का 45 दिनों तक लगातार जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद दो टेस्ट नेगेटिव आए।

इस बीच नेफ्रोलॉजी विभाग के चिकित्सकों ने उन्हें 23 सेशन का डायलिसिस भी दिया। एम्स के डायरेक्टर डॉ. नितिन एम नागरकर ने कहा कि बुजुर्ग रोगियों में जिन्हें किडनी की गंभीर बीमारी और कोराना है, रिकवरी रेट अपेक्षाकृत काफी कम होता है। ऐसे में महिला का पूरी तरह से स्वस्थ हो जाना नेफ्रोलॉजी विभाग के चिकित्सकों, तकनीकी कर्मचारियों और नर्सिंग स्टॉफ की प्रतिबद्धता को परिलक्षित करता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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