रायपुर। दूल्हे राजा घोड़ी पर सवार होकर आएंगे। बारात भी होगी और बाराती भी, बाजा भी बजेगा और नाच भी होगा। अब इन कहावतों में बदलाव हो रहा है। दूल्हे राजा अब राजधानी में महाराजाओं की तरह बग्घी में बैठ कर आते हैं। सामने बाकायदा सारथी बैठा रहता है, जो दूल्हे को द्वार तक पहुंचाता है। लेकिन अब इसमें भी खूबियां आ गई हैं।

दूल्हे को गर्मी न लगे, इसलिए बग्घी में एसी का खूब चलन बढ़ गया है। बाराती कहते हैं कि दूल्हे राजा आपके लिए हाजिर है एसी वाली बग्घी। हम तो बारात में नाचकर खूब पसीना बहाएंगे, लेकिन आप ठंडी-ठंडी हवा का मजा लें, ताकि चेहरे पर जरा भी थकावट न हो।

चल पड़ा है नया ट्रैंड

एक निजी इवेंट कंपनी के संचालक रतन सिंह ने बताया कि यह चल अभी-अभी राजधानी में शुरू हुआ है। शादी में बहुत से नए-नए ट्रैड आ रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा एसी वाली बग्घी पसंद की जा रही है। खास बात ये है कि ये शादी के बजट में भी आ जाती है।

दूल्हे के लिए जो घोड़ी बुक की जाती है, उसका चार्ज करीब 10 से 15 हजार के बीच होता है। वहीं बग्घी 25 हजार में आ जाती है। फायदा ये होता है कि पटाखे के धुएं, गर्मी सभी चीजों का दुल्हे के चेहरे पर असर नहीं पड़ता। जब वह द्वार चार के बाद मंच पर पहुंचता है तो उसके चेहरे पर जरा भी थकान नहीं दिखती है।

देती है रायल लुक

वहीं इवेंट के संचालक ने बताया कि बग्घी शादी को रायल लुक देती है। वहीं घोड़ी पर सवार होने से कई बार गिरने की भी दिक्कत रहती है। पटाखे फूटने से घोड़ी भाग भी जाती है। वहीं बग्घी में सारथी होने के कारण घोड़ी भागती नहीं है। आसानी से दूल्हा सुरक्षित मंडप तक पहुंच जाता है।

ऐसे चलती है एसी

बारात में जो लाइट लगाई जाती है, उसके लिए जनरेटर की व्यवस्था होती है। उसी जनरेटर से बग्घी की एसी को भी चलाया जाता है। जनरेटर लाइट के साथ-साथ बग्घी में लगी एसी के भी काम आ जाता है।

एक सीजन में - 12 से 15 बुकिंग

एक बुकिंग का- 25 हजार चार्ज

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