रायपुर। (नईदुनिया प्रतिनिधि) राजधानी में मकर संक्रांति का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। वहीं सबसे बड़ा आयोजन टाटीबंध स्थित अय्यप्पा मंदिर में हुआ, जहां लक्षदीप महोत्सव का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर में सुबह से देर रात मकर संक्रांति का खासा उत्सव देखने को मिला।

इधर मंदिर प्रशासन दावा है कि अय्यप्पा मंदिर में पिछले साल की तरह इस बार भी एक लाख से अधिक दीये जलाए हैं। श्री अय्यप्पा सेवा संघम के अध्यक्ष विनोद पिल्लई ने बताया कि नववर्ष में ग्रहों की विपरीप दिशाओं के कारण संभावित दोषों की मुक्ति के लिए शनिश्वर भगवान श्री अय्यप्पा के मंदिर में मकर संक्रांति के अवसर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर की पवित्र 18 सीढ़ियों के खुलने के साथ हुआ, जो देर रात कर जारी रहा। इसके बाद प्रभात फेरी और निर्माल्य दर्शन के साथ ही भगवान अय्यप्पा का अभिषेक किया गया। उन्होंने बताया कि केवल व्रत लिए हुए भक्तों को पल्लीकेट्टु के साथ सीढ़ी चढ़ने की अनुमति दी। इधर कोविड महामारी को देखते हुए मंदिर समिति ने शासन द्वारा निर्धारित गाइड लाइन का पालन करते हुए सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया।

00 खारुन नदी और तालाबों के घाट में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

संक्रांति के पर्व पर सुबह से ही हजारों की संख्या में खारुन नदी घाट में दीप दान और भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इसके अलावा साथ ही शहर के बूढ़ा तालाब, गजराज बांध, महाराजबंध तालाब, खो-खो तालाब समेत अन्य तालाबों में श्रद्धालुओं ने ब्रह्ममुहूर्त में दीप दान कर प्रदेश समेत देश के लिए खुशहाली कामना की। बता दें कि मकर संक्रांति पर्व पर दीप दान को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इसी को देखते हुए श्रद्धालु दीप दान करने के लिए पूरे स्वजनों के साथ पहुंचे। और भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर मंगल कामना की।

00 मोहल्लों में दिखा पतंगबाजी

हर साल राजधानी में विधानसभा रोड कालोनियों समेत आउटर में पतंग बाजी का नजारा देखने को मिलता था। इसके लिए आयोजक समिति बकायदा गुजरात से पतंग उठने के लिए लोगों को बुलाया जाता रहा है, लेकिन इस समय कोरोना महामारी के कारण शहर में बड़ा आयोजन नहीं हो सका। लोग संक्रांति की खुशियां मनाने के लिए छतों में चढ़कर पतंग बाजी करते हुए नजर आए। राजधानी में प्रोफेसर कालोनी, सेजबहार कालोनी, विधानसभा क्षेत्र में स्थित कालोनी समेत अन्य मोहल्लों में पतंग उठाते हुए ज्यादा नजर आए।

00 बाजार में रही रौनक

संक्रांति पर्व बाजार में विशेष रूप से रौनक देखने को मिली है। शहर मुख्य बाजार गोल बाजार में लोग तिल लड्डू की खूब बिके। इस दौरान मांग को देखते हुए कारोबारियों ने भी सामान्य दिनों के मुकाबले लड्डू के भाव में 50 से 80 रुपये महंगा कर दिया, जहां तिल के लड्डू 200 से 300 रुपये किलो में बिके। इसके लिए तिल पापड़ी, तिलकुट की बिक्री भी अधिक हुई। दूसरी पतंग का बाजार गर्म रहा। बच्चों और युवाओं ने पतंग बाजी करने के लिए सुबह से ही बाजारों की ओर रूख किया। इधर कारोबारियों का कहना है कि इस बार उम्मीद के मुताबिक से ज्यादा पतंग की बिक्री हुई।

Posted By: Nai Dunia News Network

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