रायपुर (राज्य ब्यूरो)। नवा रायपुर के प्रभावित 27 गांवों के किसान बीते 18 दिनों से वार्ता के लिए सरकार के प्रस्ताव का इंतजार कर रहे हैं। गुरुवार को वाट्एस एप संदेश के जरिये बुलाया गया। दो मंत्री, विधायक और अफसर उनका इंतजार करते रहे, लेकिन वे लोग नहीं पहुंचे। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे रुपन चंद्राकर के अनुसार दो बजे की बैठक के लिए एक बजकर 55 मिनट पर मोबाइल पर संदेश भेजा गया था।

  • - करीब छह महीने से धरना दे रहे आदिवासियों को रायपुर आने से रोका गया

सरकार की तरफ वार्ता का कोई पत्र नहीं मिला है, इस वजह से नहीं गए। वहीं, दूसरी तरफ बस्तर के सिलगेर में पुलिस गोली से मारे गए आदिवासियों को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन चल रहा है। आरोप है कि राज्यपाल से मिलने रायपुर आ रहे आदिवासी प्रतिनिधिमंडल को कोंडागांव में ही रोक दिया गया। इसकी लिखित शिकायत राजभवन से की गई है। इधर, इन आंदोलनों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गई है। हालांकि कोंडागांव पुलिस और प्रशासन ने इससे इन्कार किया है।

इसलिए कर आंदोलन कर रहे नवा रायपुर के किसान

नवा रायपुर प्रभावित किसान कल्याण संघ के नेता चंद्राकर के अनुसार नवा रायपुर के लिए अपनी जमीन देने वाले किसान को आज तक अपने हक के लिए भटक रहे हैं। एनआरडीए की तरफ से प्रभावित किसानों को हर साल 15 हजार रुपये दिया जाता था, वह भी तीन साल से नहीं मिल रहा है। किसान जमीन का चार गुना मुआवजा देने, हर परिवार को 1200 वर्ग फीट जमीन देने की मांग कर रहे हैं। साथ ही जिन किसान परिवारों ने अपनी जमीन एनआरडीए को दी उनके बेरोजगार युवकों को रोजगार दिया जाए।

आदिवासी कर रहे दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई की मांग

सुकमा जिले के सिलगेर में पिछले साल मई में सुरक्षा बलों के कैंप के विरोध के दौरान पुलिस की गोली से चार आदिवासियों की मौत हो गई थी। इस मामले में दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आदिवासी लगातार आंदोलन कर रहे हैं।

भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सचिव तेजराम विद्रोही ने बताया कि बस्तर संभाग के आदिवासी अपनी विभिन्न् मांगों के संबंध में राज्यपाल से चर्चा करने रायपुर आने वाले थे। राजभवन से 21 जनवरी को मुलाकात के लिए लिखित में समय मांगा गया था। इस मुलाकात के लिए आदिवासी प्रतिनिधि गुरुवार को बस्तर से रवाना हुए, लेकिन उन्हें कोंडगांव में ही रोक दिया गया। विद्रोही ने बताया कि इस बात की लिखित जानकारी राजभवन को दी गई है।

नवा रायपुर के किसानों की समस्या रमन सरकार देन: कांग्रेस

प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री संगठन चंद्रशेखर शुक्ला ने नवा रायपुर के किसानों की समस्या के लिए डा. रमन सिंह के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती भाजपा सरकार को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस की सरकार किसानों के संपर्क में है। उनसे चर्चा कर शीघ्र ही मामले का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन भाजपा के वादाखिलाफी की ऊपज है।

भाजपा-कांग्रेस किसान विरोधी : अमित

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने नवा रायपुर के किसान आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने भाजपा-कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा दोनों राष्ट्रीय दल किसान विरोधी है। एक सांपनाथ है तो दूसरा नागनाथ है। दोनों के कथनी और करनी में अंतर है। यही कारण है कि 27 गांव की हजारों किसान भाई-बहन, युवा साथी आज दिल्ली की तर्ज पर नवा रायपुर में कड़ाके की ठंड के बावजूद बीते 18 दिनों से आंदोलनरत है।

किसानों के साथ सियासी नौटंकी से बाज आए सरकार: भाजपा

भाजपा मोर्चा के प्रदेश प्रभारी संदीप शर्मा ने कहा है कि नवा रायपुर में आंदोलित किसानों के संबंध में प्रदेश सरकार चर्चा के नाम पर सियासी नौटंकी से बाज आए। चर्चा के लिए गुरुवार को बुलाई गई इस बैठक का किसानों द्वारा किए गए बहिष्कार को गंभीरता से ले। उन्होंने वार्ता के नाम पर सरकार पर किसानों का अपमान करने का भी आरोप लगाया है।

चर्चा के बाद तय करेंगे तारीख

नगरीय प्रशासन मंत्री डा. शिवकुमार डहरिया ने बताया कि गुरुवार को बैठक में किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष रूपन चंद्राकर व कार्यकारी अध्यक्ष समिति की उपस्थिति के लिए पूर्व सहमति प्रदान की थी। किसान कल्याण समिति ने बैठक में उपस्थिति के लिए लिखित में पत्र देने को कहा। लिखित में बैठक में उपस्थिति की सूचना दी गई, लेकिन किसान कल्याण समिति के पदाधिकारी उपस्थित नहीं हुए। अब किसान कल्याण समिति से चर्चा के बाद फिर से अलग से तिथि निर्धारित की जाएगी।

Posted By: Kadir Khan

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