रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत गठित टीम साल भर में लगभग 260 स्थानों पर पहुंची और जुर्माने के लिए चालानी कार्रवाई की। जबकि इसके लिए कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और औषधि विभाग की संयुक्त टीम गठित है। संबंधित क्षेत्र के अधिकारी अपने-अपने इलाकों में कार्रवाई करते हैं। बीते साल करीब दो हजार लोगों से एक लाख 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया था। इस बार तंबाकू नियंत्रण पर रोकथाम के लिए महज शिविरों पर फोकस किया गया। राजधानी में हालात ये हैं कि एक तरफ बोर्ड और होर्डिंग हटाए जाते हैं, तो दूसरी इनके हटते ही फिर लगने शुरू हो जाते हैं।

पूरे शहर में बाजार और चौराहों पर पान ठेले के अलावा दुकानों में तंबाकू-गुटखे की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। जिस ब्रांड का पान मसाला उसी के नाम की अलग से तंबाकू बिक रही है। कार्रवाई के नाम पर टीम महज खानापूर्ति करती है। महीने में दो से तीन बार ही सार्वजनिक स्थलों पर तंबाकू पर रोकथाम के लिए टीम निकलती है और कुछ ठेले वालों पर जुर्माना कर लौट जाती है।

--आउटर और शहर की कॉलोनियों में गुटखे के कारखाने

शहर के अलावा आउटर की कॉलोनियों सेजबाहार, शदाणी दरबार, डंगनिया, कबीर नगर सहित अन्य कॉलोनियों में नामी-गिरामी गुटखा कंपनी के ब्रांड की पैकेजिंग भी अवैध रूप से हो रही है। इनके ठिकानों की जानकारी मिलने के बाद भी प्रशासन कार्रवाई से परहेज करता है। इस तरह के कारोबार करने वालों को जिम्मेदार अधिकारियों की मौन स्वीकृति मिली हुई है।

---क्षेत्रवार टीम

तंबाकू नियंत्रण के लिए कोई एकीकृत व्यवस्था नहीं है। क्षेत्रवार टीम कलेक्टर के निर्देश पर ही निकलती है। नियमतः सार्वजनिक स्थलों पर तंबाकू की मॉनिटरिंग का प्रावधान है। संबंधित क्षेत्र के नगर निगम के जोनल अधिकारी, थाना, फ़ूड व ड्रग इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी होती है।

--सरकारी कार्यालयों में एक भी जुर्माना नहीं, कार्रवाई भी शून्य

सरकारी कार्यालयों के विभागाध्यक्ष अपने आफिस या परिसर में तंबाकू के सेवन पर कार्रवाई कर सकते हैं, लेकिन आज तक किसी भी विभागाध्यक्ष ने कार्रवाई नहीं की।

--कलेक्ट्रेट परिसर में ही खुलेआम बिक रही सिगरेट-तंबाकू

कलेक्ट्रेट परिसर, कचहरी परिसर में ही सिगरेट-तंबाकू की दुकानें हैं। लोग खुलेआम सेवन करते हैं। दुकान से 100 कदम पर एसपी और कलेक्टर कार्यालय हैं, इसके बावजूद टीम यहां झांकना मुनासिब नहीं समझती।

---वर्जन----

तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन करने पर सेक्शन 5 के तहत कार्रवाई की जाती है। इसके अलावा पान ठेला में नाबालिगों द्वारा तंबाकू उत्पाद की बिक्री एवं उपयोग करने पर भी सेक्शन 6 के तहत कार्रवाई की जाती है। समय-समय पर इसकी कार्रवाई की जाती है।

डॉक्टर सृष्टि यदु, जिला सलाहकार, राष्ट्रीय नियंत्रण कार्यक्रम

Posted By: Nai Dunia News Network