रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जो दवा बीमारी से निजात दिलाने के लिए बनाई गई है, उसका उपयोग युवा और नाबालिग नशे के लिए कर रहे हैं। कम खर्च में नशे के लिए गांजा, कफ सिरप, टेबलेट, इंजेक्शन आदि का उपयोग अधिक हो रहा है। लॉकडाउन के चलते इन दिनों शराब दुकानों के बंद रहने से टेबलेट और कफ सिरप की बिक्री बढ़ गई। दवा दुकानों से आसानी से कोचिए टेबलेट, कफ सिरप खरीदकर गली-मोहल्लों में पांच गुना अधिक दाम में खपा रहे हैं। इस पर निगरानी की जिम्मेदारी खाद्य एवं औषधि विभाग की है, लेकिन विभाग ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है, जबकि विभाग के साथ पुलिस तक लगातार इसकी शिकायत पहुंच रही है।

राजधानी के डीडीनगर, पुरानी बस्ती, राजेंद्र नगर, टिकरापारा, तेलीबांधा, आमानाका, कोतवाली, मौदहापारा, आजादचौक, खमतराई और उरला आदि स्लम बस्ती के युवा और किशोर पेंटविन इंजेक्शन, कोरेक्स सिरफ, फोर्टवीन, स्पाजमो, प्राक्सीवान कैप्सूल, कंपोज, एविल आदि टेबलेट का इस्तेमाल नशे के रूप में कर रहे हैं। नईदुनिया टीम ने इसकी पड़ताल की तो पता चला कि दवा दुकानों से कोचिए बड़ी मात्रा में बस्ती, मोहल्लों में ये टेबलेट, कफ सिरफ खपा रहे हैं।

बिना पर्ची नए चेहरे को देने से इंकार

नईदुनिया टीम ने डीडीनगर और पुरानी बस्ती इलाके की पांच दवा दुकानों में जाकर स्पाजमो टेबलेट और प्राक्सीवान कैप्सूल बिना पर्ची की खरीदने की कोशिश की। सभी दुकानों में नया चेहरा देखकर दुकानदार ने बिना पर्ची के दवा देने से साफ मना कर दिया। आसपास के युवकों ने बताया कि दवा दुकानों से आसपास के नशेड़ी लोग नियमित रूप से एक-दो रुपये की टेबलेट बिना पर्ची के दस से पंद्रह रुपये में खरीदते हैं।

आउटर इलाके से सप्लाई

नाम न छापने के शर्त पर लाखेनगर क्षेत्र में टेबलेट खपाने वाले ने बताया कि शहर में पुलिस की लगातार कार्रवाई को भांपकर दुकानदार अब बड़ी मात्रा में टेबलेट देने से मना करते हैं। लिहाजा खरोरा, तिल्दा, मंदिर हसौद, सिमगा, भाटापारा आदि स्थानों से स्पाजमो, कंपोज, एविल टेबलेट लाकर यहां खपाते हैं। 1 से 2 रुपये की टेबलेट आसानी से दस से पंद्रह रुपये में बिक जाती है। औषधि विभाग के अनुसार हर महीने कोरेक्स और इस फार्मूले की कफ सिरप की करीब दो लाख बोतल की बिक्री होती है। बाकी टेबलेट, इंजेक्शन 30 से 50 हजार बिकते हैं। फिलहाल डिमांड बढ़ी या घटी है, विभाग के पास कोई जानकारी नहीं है।

मिल रही लगातार शिकायत

इन दिनों टेबलेट की खपत बढ़ गई है। स्लम बस्ती के लोग टेबलेट का इस्तेमाल नशे के रूप में कर रहे हैं। लगातार इसकी शिकायत मिल रही है। डीडीनगर इलाके में कल ही एक नशेड़ी को सात पत्ता स्पाजमो टेबलेट के साथ पकड़ा गया था। पूछताछ में उसने दवा दुकान से टेबलेट खरीदना बताया है। तस्दीक के बाद छापेमारी की जाएगी। -देवचरण पटेल, सीएसपी कोतवाली

Posted By: Nai Dunia News Network

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