रायपुर। नाइजीरिया में समुद्री लुटेरों द्वारा तीन दिसंबर को अगवा हुए राजधानी के एक दंपती का पता अब तक नहीं चल पाया है। पेशे से इंजीनियर भनपुरी निवासी विजय तिवारी (46) और उनकी पत्नी अंजू तिवारी (40) अभी भी लुटेरों की कैद में हैं। वहीं परिजन को चार दिसंबर को जानकारी लगने के बाद से ही घर में मायूसी छाई हुई है। जहां विजय के घर वाले दो रात से सोए नहीं हैं, वहीं अंजू के मायके में भी बेटी और दामाद की चिंता में परिजन की हालत खराब है। घटना की स्थिति पर नईदुनिया की ग्राउंड रिपोर्ट....

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बीमार मां को अब तक नहीं पता, बेटा समुद्र लुटेरों की कैद में

दोपहर 12ः30 का समय। भनपुरी स्थित विजय तिवारी का घर। वहां उनका छोटा भाई विनय तिवारी परिजन के साथ बैठा हुए था। बातचीत में विनय ने बताया कि घटना की रात 11ः30 बजे भाभी अंजू तिवारी से मेरी पत्नी की बात हुई। इसके बाद अचानक फोन बंद हो गया। हमें लगा टावर से संबंधित कोई परेशानी होगी। इसके बाद अगले दिन भाई की कंपनी से कॉल आया और हमें जानकारी मिली, तब से पूरा परिवार बेचैन है। दो रात से हम लोग सो नहीं पाए हैं। विनय ने बताया कि पिता सुंदरलाल तिवारी (रेलवे कर्मी) की मृत्यु के बाद परिवार की स्थिति ठीक नहीं थी। विजय चार भाई-बहन में सबसे बड़े हैं। उन्होंने ही शुरू से परिवार की जिम्मेदारी संभाली। मां शीला तिवारी (62) की तबीयत ठीक नहीं होने के कारण स्थिति को देखते हुए उन्हें अपहरण की जानकारी नहीं दी है। विनय ने कहा कि एसपी और कलेक्टर घर आकर जानकारी लेकर गए हैं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सुबह फोन कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। शासन-प्रशासन से अपील है कि भैया और भाभी को सकुशल घर लौटाएं।

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बार-बार देख रहे फोन, कहीं से मिले कोई खबर

दोपहर 1ः50 बजे। नईदुनिया की टीम डीडी नगर स्थित निवास पहुंची, जहां अंजू तिवारी बड़े भाई एसपी उपाध्याय बहन और बहनोई की खोज-खबर में लगे हुए थे। उपाध्याय ने बताया कि अपहरण की जानकारी मिलते ही घर वाले परेशान हैं। मां पिथौरा में शासकीय टीचर हैं, उन्हें अखबार के माध्यम से जानकारी मिली है। उपाध्याय ने बताया कि विजय जहां काम करते हैं, उस कंपनी से फोन आया। उन्होंने खबर मीडिया में न जाने की बात कही है। जिस क्षेत्र में विजय की ड्यूटी लगी थी, वह इलाका समुद्री लुटेरों का माना जाता है। सेंसेटिव इलाका होने के बाद भी कंपनी वालों ने उन्हें भेजा, यह लापरवाही है। घर पर लगातार फोन पर ही निगाहें हैं कि कहीं से कुछ जानकारी मिले, लेकिन अभी तक कुछ पता नहीं चला है। कलेक्टर और एसपी ने घर आकर जानकारी लेकर गए हैं।

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सात नाइजीरियाई लोगों को जहाज के साथ छोड़ा, 19 बंधक

तीन दिसंबर की रात नाइजीरिया के समुद्री मार्ग पर एग्लो ईस्टर्न शिप मैनेजमेंट कंपनी के शिप को अगवा कर लिया गया था। इसमें लोगों को जहाज के साथ छोड़ दिया गया। बताया गया ये सभी संभवतः नाइजीरिया के थे। इसके बाद 18 भारतीयों समेत 19 लोगों को बंधक बना लिया गया है। तब से अब तक किसी तरह की जानकारी नहीं है। फिरौती को लेकर भी अब तक किसी के पास कॉल नहीं पहुंचा है। छत्तीसगढ़ सरकार अपने स्तर पर कोशिश कर रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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