रायपुर। राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के नर्सिंग कालेज में सिम्युलेशन लैब स्थापित की जा रही है जिसकी मदद से नर्सिंग छात्राओं को अत्याधुनिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा सकेगा। इसे सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में स्थापित करने की भी योजना है, जिससे प्रदेश के अन्य नर्सिंग संस्थानों के लिए यह एक प्रेरणा का स्त्रोत बन सके।

एम्स के नर्सिंग कालेज के नौवें स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन करते हुए निदेशक प्रो. (डा.) नितिन एम. नागरकर ने कहा कि कालेज को सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में स्थापित किया जा रहा है। यहां लागू किया गया बीएससी नर्सिंग का पाठ्यक्रम अब अन्य कालेजों में भी अपनाया गया है। इसमें अध्यापन के साथ सेवाभाव से रोगियों की सेवा का व्यावहारिक ज्ञान भी छात्राओं को दिया जा रहा है।

उन्होंने रोगियों और नर्सिंग स्‍टाफ के मध्य सौहार्दपूर्ण संबंधों को उपचार का अभिन्न् अंग बताया। डीन (अकादमिक) प्रो. आलोक चंद्र अग्रवाल ने कहा कि छात्राओं से रोगियों को उपचार प्रदान करने के साथ निरंतर संवाद किया जा रहा है। स्थापना दिवस कार्यक्रम में जे जेयारेका सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों और छात्राओं ने भाग लिया।

60 सीट से हुई थी शुरुआत

प्राचार्य डा. बीनू मैथ्यू ने बताया कि कालेज की स्थापना वर्ष-2013 में 60 सीट के साथ की गई थी जो अब बढ़कर 75 हो गई हैं। इसके साथ ही चार सीट के साथ एमएससी नर्सिंग का पाठ्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है। वर्तमान में यहां 251 नर्सिंग छात्राएं अध्ययनरत हैं और 350 से अधिक छात्राएं अध्ययन के बाद विभिन्न् प्रतिष्ठित संस्थानों में सेवारत हैं।

कालेज में अत्याधुनिक सिम्युलेशन लैब स्थापित की जा रही है, जिससे छात्राओं को नई चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सके। संस्थान में स्मार्ट लैक्चर थियेटर, क्लिनिकल लैब, कांफ्रेंस हाल, सेमीनार हाल और लाइब्रेरी भी है। इसमें 20 कंप्यूटर की लैब है। 25 शिक्षक यहां नर्सिंग छात्राओं को अध्यापन करवा रहे हैं। छात्राओं को एक साल की ट्रेनिंग अस्पताल में भी प्रदान की जाती है।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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