रायपुर (राज्य ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित अंतागढ़ टेपकांड की एसआईटी जांच पर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने सवाल उठाया है।

जोगी ने ट्वीट कर कहा- रितेश सिन्हा बनाम स्टेट ऑफ यूपी और अन्य में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया है कि कानून किसी न्यायिक मजिस्ट्रेट को यह अधिकार नहीं देता है कि वह किसी व्यक्ति को अपनी आवाज का नमूना देने का आदेश दे। जब तक कि वह किसी अपराध की जांच के उद्देश्य से न हो। जहां तक अंतागढ़ सीडी कांड का संबंध है, यह मुद्दा अभी उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है कि क्या कोई अपराध हुआ है, जिसकी एसआईटी द्वारा जांच की जाए।

उन्होंने लिखा - किसी भी आपराधिक विवेचना में वॉयस सैंपल का एकमात्र उपयोग आईटी अधिनियम के अंतर्गत प्रमाणित मूल रिकार्डिंग उपकरण में आवाजों के साथ तुलना करना है। इस मामले में हैदराबाद, भोपाल और चंडीगढ़ प्रयोगशालाओं से एक नहीं बल्कि तीन-तीन फोरेंसिक निष्कर्षों के अनुसार ऐसा कोई मूल उपकरण मौजूद नहीं है। तीनों का स्पष्ट रूप से अभिमत है कि पेनड्राइव मूल ऑडियो रिकार्डिंग डिवाइस नहीं हैं। उसका आवाज मिलान करने के उद्देश से फोरेंसिक विश्लेषण नहीं करा जा सकता।