रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

कथाकथित जैश-ए-मोहम्मद द्वारा आठ अक्टूबर को आतंकी हमले के मद्देनजर आरपीएफ सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। इसके लिए आरपीएफ और जीआरपी के साथ लोकल पुलिस ने एक्शन प्लान बनाया है। इसमें अलग-अलग दस्तों की टीम गठित की गई हैं। जिन्हें प्लेटफार्म और रेलवे स्टेशन परिसर में मूवमेंट करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा ट्रेनों में चढ़ने और स्टेशनों पर उतरने वाले यात्रियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। आरपीएफ की गुप्त अपराध शाखा की टीम रेलवे स्टेशन और प्लेटफार्मों पर सिविल लाइन में संदिग्धों पर नजर रखेंगे।

बहरहाल अभी तक हरियाणा के रोहतक में मिले पत्र के बाद पूरे देश भर के स्टेशनों पर अलर्ट है। पत्र को रेलवे किसी शरारती तत्व की कारस्तानी मानकर चल रहा है। फिर भी किसी तरह की सुरक्षा में लापरवाही न हो इसके लिए हाई अलर्ट आठ अक्टूबर तक कर दिया है। वहीं यात्रियों को किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के बारे में आरपीएफ के टोल फ्री नंबर भी जारी किए है। जिस पर गोपनीय रूप से सूचना दी जाएगी। इसके अलावा मंडल में यात्री सुरक्षा के लिए तेजस्वनी वॉटसअप ग्रुप भी बनाए गए है। इसके माध्यम से सूचनाएं देने के लिए ग्रुप के सदस्यों को अलर्ट भी कर दिया गया है। वहीं प्लेटफार्मों पर रूटिन चेकिंग में डॉग स्क्वॉयड की टीम कर रही है।

वर्जन

दुर्ग आरपीएफ पोस्ट के अलावा रायपुर रेलवे स्टेशन पर भी सर्तकता बरती जा रही है। आरपीएफ, जीआरपी और लोकल पुलिस के आपसी समन्वय से स्टेशनों की मॉनिटरिंग की जा रही है।

- वीएल मीणा, कमांडेंट, आरपीएफ