रायपुर। सीतापुर विधानसभा सीट से लगातार चौथी बार के विधायक अमरजीत भगत भूपेश सरकार में मंत्री बन गए हैं। शनिवार की शाम राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भगत को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। भगत को अभी विभाग का आवंटन नहीं किया गया है। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ अन्य मंत्री व कांग्रेस नेता मौजूद थे।

विपक्ष की ओर ने नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल समेत अन्य नेता मौजूद थे। सीतापुर विधायक भगत भूपेश बघेल मंत्रिमंडल में टीएस सिंहदेव और प्रेमसाय टेकाम के बाद तीसरे मंत्री हैं, जो सरगुजा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

सरगुजा की राजनीति में अमरजीत भगत को महल विरोधी खेमे का माना जाता है। अपनी राजनीति के शुस्र्आती दौर से भगत महल का विरोध करते रहे हैं। ऐसे में यह चर्चा है कि अब सरगुजा में दो पॉवर सेंटर हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री पद के दावेदार रहे मंत्री टीएस सिंहदेव के विरोध के कारण ही भूपेश सरकार में अमरजीत की इंट्री रुक रही थी। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष के चयन में सिंहदेव की पसंद को आलाकमान ने तरजीह दी। इसके बाद ही भगत की सरकार में इंट्री का रास्ता खुला। इसके साथ ही अब कांग्रेस की नजर नगरीय निकाय चुनाव पर है।

छत्तीसगढ़ की भूपेश कैबिनेट में अमरजीत भगत के शामिल होने की सूचना के साथ ही उनके संभावित विभागों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। उन्हें वन या खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पर्यटन- संस्कृति के अलावा योजना आर्थिक- सांख्यिकी विभाग की कमान सौंपे जाने की सबसे ज्यादा अटकलें लगाई जा रही हैं। भगत को दिए जाने वाले विभागों में अनुसूचित जाति, जनजाति या सहकारिता की भी चर्चा है। उनकी कैबिनेट में इंट्री से दो से तीन मंत्रियों के विभाग प्रभावित हो सकते हैं। सरकार से जुड़े सूत्रों के अनुसार फिलहाल भगत को ज्यादा विभाग दिए जाने की संभावना नहीं है।

अनौपचारिक चर्चा में मंत्रियों ने कहा कि विभाग तय करना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। सूत्रों के अनुसार सीएम ने भगत का विभाग तय करके प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया से सहमति भी ले ली है। भगत किन विभागों के मंत्री बनेंगे इसका खुलासा शनिवार की शाम को उनके शपथ ग्रहण के बाद ही होगा। इस बीच सत्ता और संगठन में चल रही चर्चाओं के अनुसार कैबिनेट में फिलहाल तीन मंत्री ऐसे हैं, जिनके पास अधिक विभाग हंै। इन्हीं तीनों के विभागों में कटौती करके भगत को दिए जाने की संभावना है।

Posted By: Rahul Vavikar