रायपुर। रायपुर निवासी 44 वर्षीय अमरजीत कौर ने अंगदान कर प्रेरणा बन गई हैं। शनिवार को उनके आकस्मिक निधन के पश्चात उनके परिवार वालों की सहमति और मदद से उनका अंगदान हुआ। इस तरह अंगदान यानि (हृदय, लीवर, दोनों किडनी और दोनों आंखें) दान कर जरूरतमंद कई लोगों की जान उन्होंने बचाई।

अंगदान के लिए आर्थोपेडिक सर्जन एवं सोटो छत्तीसगढ़ के डायरेक्टर डा. विनीत जैन ने उनके परिवार को अंगदान के लिए प्रेरित किया, क्योंकि अमरजीत कौर उनकी मरीज थीं। मरणोपरांत अमरजीत कौर के पति सुरेंदर सिंग एवं परिवार के अन्य लोगों ने डा. विनीत से परामर्श लिया।

डा. विनीत ने उनके परिवार को अंगदान के लिए प्रेरित किया। इस तरह अमरजीत कौर के अंगदान से एक ओर जहां राज्य को पहला अंगदान मिला है। वहीं इससे कई लोगों की जिंदगी बचाई जा सकेगी।

इस संबंध में राज्य नोडल अधिकारी आर्गन एवं उत्तक प्रत्यारोपण डा. कमलेश जैन ने बताया अंगदान एवं मिले अंग का उपयोग भी कानूनी प्रक्रिया से किया जाता है। राज्य को मिलने वाले पहले अंगदान के लिए सभी अधिकारियों ने स्व.अमरजीत कौर को श्रद्धांजलि देते हुए परिवार के लोगों की इस पुनीत कार्य के लिए सराहना की है।

स्व. अमरजीत कौर के पति सुरेंदर सिंग ने बताया मेरी पत्नी दूसरों की तकलीफ देखकर खुद भी परेशान हो जाती थीं। वह लोगों की सेवा में विश्वास रखती थीं। उनकी इसी भावना का सम्मान करते हुए और अन्य पीड़ित लोगों की जिंदगी रोशन करने के लिए हमने 'अमरजीत" के अंग का दान किया है।

अंगदान के लिए 104 पर करें संपर्क

डा. विनीत जैन ने बताया स्वास्थ्य विभाग की ओर से अंगदान करने के इच्छुक लोगों के लिए टोल फ्री नंबर 104 से संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही प्रदेश के बड़े अस्पतालों में भी ब्रेनडेड के मामले आने पर अंगदान की प्रक्रिया कराई जा सकती है। वैसे राष्ट्रीय स्तर पर अंगदान करने के इच्छुक व्यक्ति अपना पंजीयन करा सकते हैं।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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